बाउंसर ने की लैम्बोर्गिनी की थी नंबर प्‍लेट तोड़ने की कोशिश, कानपुर में 12 करोड़ की कार से हादसे के बाद नया VIDEO आया सामने

हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। घायलों को फौरन अस्‍पताल भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है। इस बीच हादसे वाले वक्‍त का एक वीडियो सामने आया है।

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Kanpur Lamborghini Accident: बीते रविवार (8 फरवरी 2026) को कानपुर के पॉश इलाके ग्वालटोली में उस वक्‍त अफरा-तफरी मच गई जब तेज रफ्तार लैम्बोर्गिनी कार बेकाबू होकर कई लोगों को टक्कर मारते हुए गुजर गई। करीब 12 करोड़ की इस कार ने पहले ई रिक्शा, फिर एक बुलेट और आखिरी में सड़क पर चल रहे पैदल लोगों को टक्‍कर मारी। बाद में कार एक खंभे से जाकर टकरा गई।

हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। घायलों को फौरन अस्‍पताल भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है। इस बीच हादसे वाले वक्‍त का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कार के पीछे चल रहे बाउंसर कार की नंबर प्लेट नोचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। यह लग्जरी कार शहर के बड़े कारोबारी घराने बंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़ी है। पुलिस ने कहा कि कार उद्योगपति केके मिश्रा के बेटे और ग्रुप से जुड़ी कंपनी के डायरेक्टर शिवम मिश्रा चला रहा था।

बाउंसर ने की नंबर प्‍लेट तोड़ने की कोशिश

वीडियो में देखा जा सकता है कि बाउंसर कार के आसपास खड़े हैं, हाथों में वॉकी-टॉकी लिए भीड़ को दूर हटने के लिए कह रहे हैं। पुलिस से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक बाउंसर कार की नंबर प्लेट को हटाने या नोचने जैसी कोशिश करता है। वीडियो सामने आने के बाद यह वायरल हो गया। इस मामले में लीपापोती के आरोप फिर उठने लगे हैं।

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एक वीडियो में यह भी दावा किया गया कि हादसे के तुरंत बाद कार की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही बैठा था। अंदर कोई ड्राइवर दिखाई नहीं देता। शिवम मिश्रा के पिता और उनके वकील की ओर से कहा गया था कि कार ड्राइवर चला रहा था। मोहन नाम के व्यक्ति की ओर से कोर्ट में एक एफिडेविट भी दाखिल किया गया, जिसमें खुद को चालक बताया गया। इस पूरे विवाद में अलग-अलग दावे सामने आने से तस्वीर और उलझ गई।

पुलिस ने चार दिन बाद किया शिवम मिश्रा को गिरफ्तार

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लैम्बोर्गिनी चलाने वाले शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। कारोबारी केके मिश्रा और उनके अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह धर्मू ने घटना के समय कारोबारी के चालक मोहन द्वारा कार चलाने का दावा किया था। मामले में तौफीक ने कार चालक मोहन से समझौता करते हुए कहा कि उन्हें चालक की ओर से आर्थिक क्षतिपूर्ति मिल गई है इसलिए उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी है। हालांकि पुलिस घटना के समय शिवम मिश्रा को ही कार चलाने का आरोपित मान रही थी।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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