झांसी में भी बने थे दिल्ली जैसे हालात, 12 हजार से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ जाने के लिए उमड़े; दौड़ानी पड़ी 8 स्पेशल ट्रेनें
Jhansi: झांसी स्टेशन पर शनिवार की रात बड़ी भीड़ जमा हो गई। 12 हजार से ज्यादा लोग महाकुंभ जाने के लिए उमड़े थे। ऐसे में 5 घंटे के भीतर 8 स्पेशल ट्रेन चलानी गईं।
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Jhansi Railway Station: हर कोने से प्रयागराज महाकुंभ के लिए भीड़ निकल रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना से भीड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिल्ली में बेहिसाब भीड़ की भगदड़ में पिछली रात 18 लोग मर गए। सिर्फ दिल्ली ही नहीं झांसी के अंदर भी पिछली बार यही हालात बन चुके थे। गनीमत रही कि रेलवे अधिकारियों ने समय से पहले कदम उठाए और दिल्ली जैसी घटना को दोहराने से रोक लिया।
झांसी से तस्वीरें सामने आई हैं, जो हूबहू दिल्ली जैसे हालातों को दर्शात रही थीं। हालांकि यहां रेलवे अधिकारी और आरपीएफ के जवान मुस्तैद दिखे। बताया जा रहा है कि झांसी रेलवे स्टेशन पर शनिवार की रात बड़ी भीड़ जमा हो गई। 12 हजार से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ जाने के लिए उमड़ पड़े थे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर प्रयागराज पहुंचाने के लिए रेलवे को आनन-फानन में 5 घंटे के भीतर 8 स्पेशल ट्रेनें दौड़ानी पड़ीं।
RPF-GRP अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला
बताया जा रहा है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ने पर आरपीएफ कमांडेंट विवेकानंद नारायण, जीआरपी एसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव, सीनियर डीसीएम अमन वर्मा और रेलवे के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इन अधिकारियों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ मोर्चा संभाला। आरपीएफ और जीआरपी कर्मी लाउडस्पीकर के जरिए ट्रेनों के श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने में जुटे रहे। इस दौरान रेलवे ने प्रयागराज के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलाईं, तब कहीं जाकर रेलवे स्टेशन पर भीड़ कम हो पाई।
दिल्ली की घटना में 18 लोग मरे
इधर, शनिवार रात नई दिल्ली स्टेशन पर हुई घटना में 18 लोग मर चुके हैं। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रेलवे, केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक, ये घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफार्म नंबर 14 पर मौजूद थे, जहां प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी के आने में देरी के कारण प्लेटफार्म 12, 13 और 14 पर और भीड़ हो गई। इसी दौरान यात्रियों से प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर जाने के लिए कहा गया था। नतीजन भीड़ बेकाबू होते हुए भागने लगी और इसमें कई लोग दब गए। 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उसके अलावा काफी संख्या में लोग घायल हुए।