अपडेटेड 27 February 2026 at 21:51 IST

UP News: 25 बैलगाड़ियों पर सवार होकर आई बारात, मेहमानों को पत्तल पर परोसा गया भोजन, पुनर्जीवित हुई सालों पुरानी परंपरा

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दूल्हा 25 बैलगाड़ियों से बारात लेकर पहुंचा। उसने बुंदेलखंड की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित कर दिया है।

Follow : Google News Icon  
Hamirpur Bullock Cart Wedding
Hamirpur Bullock Cart Wedding | Image: Republic

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सालों पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित किया गया। एक दूल्हा 25 बैलगाड़ियों से बारात लेकर पहुंचा था। उसने बुंदेलखंड की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए ऐसे अनोखे अंदाज में बारात निकाली कि देखने वाले देखते ही रह गए। पूरे ढोल नगाड़ों की धुन के साथ बारात को सजाकर निकाला गया।

सामने आई जानकारी की माने तो, यूपी के हमीरपुर में 25 बैलगाड़ियों के साथ निकली बारात में लगभग 200 बाराती शामिल हुए थे जिनका लड़की वालों ने खूब आदर सत्कार किया। ये मामला मौदहा क्षेत्र के अंतिम गांव गुढ़ा का बताया जा रहा है।

हमीरपुर में बैलगाड़ी से निकली बारात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव गुढ़ा के निवासी जागेंद्र द्विवेदी ने अपने बेटे मोहित द्विवेदी की शादी भेड़ी जलालपुर निवासी मोहिनी पाठक के साथ तय की थी। दोनों परिवारों की रजामंदी से बैलगाड़ी से बारात लाई गई। तीन दिनों तक चले शादी के फंक्शन के लिए बैलगाड़ी से निकली बारात खेतों के रास्ते से होते हुए लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय कर द्विवेदी परिवार के फार्म हाउस पहुंची। वहां बारातियों का अच्छे से स्वागत किया गया। पहले दिन तिलक हुआ, दूसरे दिन द्वारचार और तीसरे दिन विदाई की रस्म के बाद दुल्हन को विदा कर दिया गया।

पारंपरिक शादी में ये थीं खासियतें

इस अनोखी पारंपरिक शादी में कठघोड़वा नृत्य का भी आयोजन किया गया था। महिलाओं ने पारंपरिक बुंदेलखंडी गीत गाए। तमूरा भजन इस शादी की खासियत रहे। यहां शादी में आए मेहमानों को पारंपरिक तरीके से ही खाना परोसा गया था। मेहमानों को नीचे बैठाकर पत्तल पर दावत परोसी गई जिसमें कद्दू और आलू-बैंगन की सब्जी सहित कई देसी व्यंजन शामिल थे। जिस तरह इस शादी को पूरे देसी अंदाज में संपन्न किया गया, उसे देख लोग खुश हो गए हैं। सालों पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया गया है। 

Advertisement

इस बीच, दुल्हन के पिता ने भी एक वीडियो में बैलगाड़ी से आई बारात को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वो पुरानी परंपरा के आधार पर, ग्रामीण तर्ज पर बेटी की शादी करके ये संदेश देना चाहते हैं कि लोग इस तरफ वापस आएं। उन्होंने कहा कि ‘जैसे लोग एक ही रात में 50 लाख का दुरुपयोग कर देते हैं, उससे बचें। प्रदूषण से बचें, गाय गोबर को आगे रखे, बैल की जरूरत को समझे, और हमारे बुजुर्ग का जो जीवन था, उनका उद्देश्य, उनकी बातों का पालन करें, अपनी जिंदगी को बीमारियों से दूर रखें, मैंने अबतक मेडिकल स्टोर का चक्कर नहीं लगाया है। मेरा परिवार भी ऐसे आगे बढ़े। मैंने कई लोगो की विचारधारा बदली, ऑर्गेनिक खेती सिखाई, अब लोग खुश हैं’।

ये भी पढ़ेंः राजस्थान में माउंट आबू समेत इन तीन शहरों का बदला नाम, मुख्यमंत्री भजनलाल ने विधानसभा में किया ऐलान

Advertisement

Published By : Sakshi Bansal

पब्लिश्ड 27 February 2026 at 21:51 IST