UP: गोरखपुर में पशु तस्करों ने की 19 साल के छात्र की हत्या; पहले मुंह में मारी गोली फिर पत्थर से कुचल दिया सिर
गोरखपुर में NEET की तैयारी कर रहे 19 साल के छात्र की पशु तस्करों ने हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली।
- भारत
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गोरखपुर में NEET की तैयारी कर रहे 19 साल के छात्र की पशु तस्करों ने हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। जानकारी के मुताबक पिपराइच क्षेत्र में यह घटना मंगलवार के तड़के 4 बजे की है, जब कुछ पशु तस्कर एक गांव में पहुंचे और खटाल में बंधे मवेशियों को खोलने लगे।
इसी बीच ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया तो तस्कर भागने लगे। भीड़ में NEET परीक्षा मेडिकल एंट्रेस की तैयारी कर रहा एक 19 वर्षीय छात्र भी था। वह भी पशु तस्करों के पीछे उन्हें पकड़ने के लिए भागा ,जिसे तस्करों द्वारा डीसीएम में जबरन बैठा लिया गया फिर गोली मार कर उसकी हत्या कर दी और लाश को फेंककर भागने लगे। ग्रामीणों ने डीसीएम को घेरने की कोशिश की, लेकिन पशु तस्कर फरार हो गए।
मृतक की पहचान दीपक गुप्ता (19) के रूप में हुई है। गुस्साई भीड़ ने एक डीसीएम को पकड़ लिया और आग लगा दी, जबकि दूसरे डीसीएम में सवार तस्कर भाग निकले। इस दौरान एक तस्कर को ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ लिया और पीटकर अधमरा कर दिया। जबकि बीच-बचाव करने में एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी पुरुषोत्तम घायल हो गए।
पिता ने SDM को लेटर सौंपा, कहा- 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए
घटना की जानकारी जैसे ही मृतक दीपक गुप्ता के परिजनों को हुई तो हाहाकार मच गया। अक्रोशित ग्रामीणों ने पिपराइच रोड जाम कर दिया और जमकर हंगामा करने लगे। इस दौरान उनकी मांग थी कि जल्द से जल्द पशु तस्करों के गिरफ्तार कर उन्हें फांसी दी जाए। जैसे ही इसकी भनक आलाधिकारियों को हुई तो वह मौके पर पहुंच गए। पशु तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही सख्त कार्रवाई करने के आश्वाशन के पश्चात जाम खुल सका। दीपक के पिता ने एसडीएम को खत लिखा और सरकारी नौकरी के साथ एक करोड़ रुपए का मुआवजे की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि दीपक बेहद होनहार लड़का था। अभी उसकी उम्र ही कितनी थी लेकिन तस्करों ने उसकी निर्मम हत्या कर दी। हमें हर हाल में दोषियों की फांसी चाहिए। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दीपक की मां का कहना है कि आखिर मेरे बेटे का क्या कसूर था? गांव में जानवर चोरी की सूचना सुनते ही वह मौके पर पहुंचा था। जिसे क्रूर पशु तस्करों ने मौत के घाट उतार दिया। उसके कई सपने थे और सारे सपने अब अधूरे रह गए।