'खुद को बचा सकते हो तो बचा लो, मारने का इंतजाम हो चुका है...', बृजभूषण सिंह और उनके बेटे प्रतीक को जान से मारने की धमकी, दर्ज कराई FIR
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण को जान से मारने की धमकी मिली है।
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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण को जान से मारने की धमकी मिली है। प्रतीक भूषण को राजस्थान से फोन आया और कहा कि खुद को बचा सकते हो तो बचा लो। विधायक के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 14 जून की है। विधायक प्रतीक भूषण सिंह के निजी मोबाइल नंबर पर कॉल आई। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से बात कर रहे व्यक्ति ने विधायक और उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। धमकी की गंभीरता को देखते हुए विधायक प्रतीक भूषण ने तुरंत पूरे मामले की संप्रभु जानकारी गोंडा के पुलिस अधीक्षक (SP) को दी।
मामले को हाई-प्रोफाइल मानते हुए एसपी के निर्देश पर सर्विलांस और साइबर सेल की टीमों को तुरंत एक्टिव किया गया ताकि उस अज्ञात नंबर की लोकेशन और मालिक का पता लगाया जा सके।
संदीप शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है सिम
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तकनीकी जांच के अनुसार यह सिम कार्ड संदीप शर्मा, पुत्र दयाराम शर्मा के नाम पर पंजीकृत है, जो मकान नंबर 239, मांडावार वार्ड नंबर 6, माजरी भंडा, जनपद अलवर (राजस्थान) का निवासी है।
पुलिस को सौंपी गई लिखित शिकायत में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि विधायक और उनका परिवार लंबे समय से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों और प्रतिबंधित संगठनों के निशाने पर रहा है। पूर्व में भी दुर्दांत अपराधियों और असामाजिक तत्वों द्वारा इस प्रकार के प्रयास किए जाते रहे हैं। ऐसे में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और उनके परिवार को सरेआम इस तरह की धमकी मिलना कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक अत्यंत गंभीर विषय है।
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गोंडा सदर सीट से विधायक हैं प्रतीक
प्रतीक गोंडा सदर सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं। जबकि उनके छोटे भाई करण भूषण कैसरगंज से भाजपा के सांसद हैं। जबकि उनके पिता बृजभूषण 6 बार सांसद रहे हैं। इसके अलावा WFI (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष रह चुके हैं। बृजभूषण शरण सिंह को Y प्लस सुरक्षा मिली हुई है। जबकि प्रतीक की सुरक्षा में 4 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं।