UP में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की उल्टी गिनती शुरू, सीएम योगी को भेजा गया डिटेंशन सेंटर का मॉडल, हाई-टेक होगी सुरक्षा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अवैध घुसपैठ बड़ी चुनौती रही है। मेरठ मंडलायुक्त ने 15,000 क्षमता वाले अत्याधुनिक डिटेंशन सेंटर का डेमो सरकार को सौंपा है। इसमें सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक, CCTV, फेस रिकग्निशन और 50 केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी।

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सीएम योगी को भेजा गया डिटेंशन सेंटर का मॉडल | Image: Republic

Detention Center Model : उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में अवैध घुसपैठ की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाया गया है। मेरठ मंडलायुक्त ने राज्य सरकार को एक अत्याधुनिक डिटेंशन सेंटर का डेमो मॉडल सौंपा है, जो उच्च सुरक्षा मानकों के साथ तैयार किया गया है। इस मॉडल में बायोमेट्रिक सिस्टम, CCTV निगरानी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से लैस है।

मेरठ मंडलायुक्त का भेजा से यह डेमो अगर सरकारी जांच में सफल रहा, तो सभी 17 नगर निगमों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे अवैध प्रवासियों को नियंत्रित करने में आसानी होगी। अवैध घुसपैठियों खासकर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने ये सख्त कदम उठाना शुरू किया है।

15 हजार लोगों की क्षमता

मंडलायुक्त द्वारा तैयार किए गए इस डेमो में कुल 15 हजार लोगों की क्षमता का प्रावधान है, जो पश्चिमी यूपी के संभावित घुसपैठियों की संख्या को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पुरुषों और महिलाओं को एक ही परिसर में रखने की योजना है, लेकिन अलग-अलग ब्लॉकों में आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सुरक्षा और गोपनीयता बरकरार रहे। जरूरत पड़ने पर एक ही नगर निकाय क्षेत्र में एक से अधिक डिटेंशन सेंटर बनाए जा सकते हैं।

अंदर से ऐसा होगा डिटेंशन सेंटर

हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था

डिटेंशन सेंटर को किले की तरह सुरक्षित बनाने का पूरा प्लान तैयार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों में बांटा गया है। केवल आधिकारिक व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे, एंट्री के लिए तीनों लेयर फेस रिकॉग्निशन, थंब इंप्रेशन और CCTV कंट्रोल रूम से ग्रीन सिग्नल मिलना अनिवार्य होगा।

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  • फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम
  • बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन
  • पूरे परिसर में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे
  • अलग से सीसीटीवी कंट्रोल रूम

मंडलायुक्त ने सरकार से सिफारिश की है कि डिटेंशन सेंटर में कम से कम 50 केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात किए जाएं, जो 24x7 निगरानी सुनिश्चित करेंगे। इससे किसी भी तरह की बाहरी या आंतरिक अशांति को तुरंत काबू किया जा सकेगा।

बाहर से ऐसा होगा डिटेंशन सेंटर

यह मॉडल न केवल घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए है, बल्कि उनकी पहचान और निर्वासन प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। डेमो में लगाए गए CCTV कैमरे हाई-रेजोल्यूशन वाले होंगे, जो AI से लैस होंगे और संदिग्ध गतिविधियों का तत्काल अलर्ट जारी करेंगे। बायोमेट्रिक सिस्टम से घुसपैठियों की दैनिक गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे डुप्लिकेट पहचान की कोई गुंजाइश न बचे।

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अब गृह विभाग करेगा जांच

राज्य सरकार ने यह डेमो गृह विभाग को भेज दिया है, जहां डिजाइन, सुरक्षा पहलुओं और बजट पर चर्चा होगी। अगर यह डेमो सभी मापदंडों पर खरा उतरा, तो पश्चिमी यूपी के 17 प्रमुख नगर निगमों मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली आदि में ऐसे केंद्रों का निर्माण शुरू हो जाएगा। जहां घुसपैठ की संख्या अधिक होगी, वहां एक से अधिक डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या न हो।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड