कफन के बाद अब पोस्टर, हार का डर या कुछ और..., चुनाव आयोग पर बौखलाई सपा के इस कदम से विवाद तय
अखिलेश यादव के चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान के बाद अब लखनऊ में सपा दफ्तर के बाहर विवादित पोस्टर लगा है।
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर में पिछले दिन हुई वोटिंग के बाद चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है। वो लगातार चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगा रहे हैं। सपा के मुखिया ने चुनाव आयोग को मरा हुए कहते हुए सफेद कफन भेंट देने की बात कही थी। उनके इस बयान की हर तरफ आलोचना भी हुई। अब सपा के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाते हुए लखनऊ में दफ्तर के बाहर विवादित पोस्टर लगाया है।
अखिलेश यादव के चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान के बाद सपा दफ्तर के बाहर विवादित पोस्टर लगा है। पोस्टर में लिखा है, 'भाजपा को संरक्षण देने वाले ये कफन ओढ़ लें। जिलावार कार्यक्रम चले और चुनाव आयोग को कफन भेंट करें'। पोस्टर में उस फोटो का लगाया है जब अखिलेश सपा के नेताओं के साथ कफन पर 'चुनाव आयोग' लिखकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया था।
सपा के दफ्तर के बाहर लगा विवादित पोस्टर
मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर सियासत चरम पर है। यह सीट सपा और बीजेपी के प्रतिष्ठा का प्रश्न है। चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे मगर उससे पहले ही सपा लगातार चुनाव पर धांधली और बीजेपी का साथ देने का आरोप लगा रही है। अखिलेश चुनाव आयोग को मरा हुआ बता रहे हैं। चुनाव आयोग पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने कहा था, 'चुनाव आयोग मर गया है। जो सफेद कपड़ा है, वो हमें भेंट करना पड़ेगा'। अब लखनऊ में पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगा है, जिसमें लिखा है- 'भाजपा को संरक्षण देने वाले ये कफन ओढ़ लें। वहीं दूसरे पोस्टर में लिखा है- '27 में आएंगे अखिलेश, 32 में भव्य अर्धकुंभ कराएंगे।
अखिलेश के बयान पर बीजेपी ने जताई आपत्ति
सपा के मुखिया की विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी भी अखिलेश पर हमलावर नजर आई। यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने कहा- 'मिल्कीपुर उपचुनाव में हार सामने देख अखिलेश यादव बौखला गए। चुनाव आयोग पर आरोप लगाने से सपा की डूबती नैया नहीं पार होगी। जब तक सपा गुंडों, अपराधियों, माफियाओं और दंगाइयों को सपा से बाहर नहीं निकालेगी तब तक साइकिल पंचर ही होती रहेगी और 2027 में सपा प्रत्याशियों की जमानत बचाना भी मुश्किल होगा।'
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अखिलेश को हार का डर या कुछ और…
पहले चुनाव आयोग को मरा हुआ कहना, फिर सफेद कपड़े पर कफन लिखकर प्रदर्शन करना और अब दफ्तर के बाहर चुनाव आयोग के लिए अपशब्द लिखकर पोस्टर लगाना। मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव के नतीजों से पहले सपा के मुखिया और उसके नेताओं के ऐसे कदम कई सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या अखिलेश को मिल्कीपुर सीट हाथ से जाने की आहट हो गई। हार की बौखलाहट में सपा के नेता ऐसे कदम उठा रहे हैं। सपा का गढ़ माने जाने मिल्कीपुर में क्या इस बार 'कमल' खिलेगा। अब 8 फरवरी को नतीजे आने के साथ ही पिक्चर साफ हो जाएगा।