अपडेटेड 25 October 2025 at 14:45 IST

Chhath Puja: CM योगी ने छठ पर दी शुभकामनाएं- छठी मैया की कृपा से सभी व्रती अपने संकल्प में सफल हों, सुख और समृद्धि का जीवन पाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ महापर्व की शुभकामना दी है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर भोजपुरी में प्रदेशवासियों को छठ पर्व की बधाई दी।

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CM Yogi Adityanath Chhath Puja: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ महापर्व की शुभकामना दी है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर भोजपुरी में प्रदेशवासियों को छठ पर्व की बधाई दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सूर्य उपासना और लोकआस्था के महापर्व छठ की सभी को हार्दिक बधाई। भोजपुरी भाषा में शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘रउवा सब पर छठी मइया की कृपा बनल रहे। परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता आ बहिन लोगन के हमरे ओर से विशेष मंगलकामना। जय छठी मईया।’

छठ पूजा शुरू हो चुकी है। दिवाली के बाद आने वाला ये पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है जिसकी शुरुआत नहाय-खाय के साथ देशभर में हुई। ये त्योहार चार दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसकी शुरुआत नहाय खाय से होती है। फिर आते हैं खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य जिससे छठ का पर्व खत्म हो जाता है। नहाए-खाए के दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान देना ना भूलें। मां छठी का आशीर्वाद पाने के लिए जरूरतमंदों को जरूर खाना खिलाएं। इसके अलावा, गाय को रोटी या भोजन खिलाना भी पुण्य माना जाता है।

नहाय-खाय के दिन ऐसे करें पूजा

नहाय-खाय के दिन सबसे पहले सुबह-सुबह उठकर स्नान करें और फिर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। अपने पूरे घर की अच्छे से सफाई कर लें। साफ बर्तनों में ही खाना तैयार करें। खाना बनने के बाद सबसे पहले मंदिर में भगवान को भोग लगाएं। जिसका व्रत है, वो भोजन कर ले। फिर खाने को परिवारवालों में बांट दें।

नहाय-खाय के दिन सभी व्रती महिलाएं सूर्योदय के बाद ही सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं और फिर प्रसाद ग्रहण करती हैं। ऐसे में आज भी व्रत रख रही हैं तो सूर्योदय का समय जरूर नोट कर लें। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6:28 बजे हो चुका है जबकि सूर्यास्त शाम को 5:41 बजे होगा।

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छठ का चार दिन का कार्यक्रम जानिए

पहला दिन (नहाय-खाय): 25 अक्टूबर को है। इस दिन स्नान कर सूर्य देव की पूजा और सात्विक भोजन किया जाता है।
दूसरा दिन (खरना): 26 अक्टूबर को होगा। दिनभर व्रत और शाम को गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद तैयार होता है।
तीसरा दिन (संध्या अर्घ्य): 27 अक्टूबर को होगा। अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पण करते हैं।
चौथा दिन (उषा अर्घ्य और पारण): 28 अक्टूबर को होगा। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन हो जाता है।  

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 25 October 2025 at 14:45 IST