देश की पहली डिजिटल जनगणना में शामिल हुए CM योगी, खुद ऑनलाइन भरा अपना फॉर्म, आप भी जानें पूरा प्रोसेस
Digital Census in UP: सीएम योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल जनगणना में भाग लेते हुए खुद ऑनलाइन अपना फॉर्म भरा। 7 से 21 मई तक चलने वाले इस चरण में नागरिक घर बैठे आधिकारिक पोर्टल पर अपनी सारी जानकारी खुद भर सकते हैं।
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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में 'डिजिटल जनगणना-2027' का महाअभियान जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गोरखनाथ मंदिर स्थित अपने आवास पर स्वगणना (सेल्फ एनुमरेशन) का ऑनलाइन फॉर्म भरा है। इसके साथ ही उन्होंने पूरे प्रदेश की जनता से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भी अपील की।
CM योगी ने की प्रदेशवासियों से अपील
सीएम योगी ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, "आज श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में जनगणना-2027 के अंतर्गत डिजिटल माध्यम से 'स्व-गणना' की प्रक्रिया पूर्ण कर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर गौरवान्वित हूं।"
उन्होंने कहा कि यह जनगणना सिर्फ जनसंख्या की गणना भर नहीं है बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार भी है। सभी प्रदेश वासियों से अपील है कि वे डिजिटल स्व-गणना के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
7 मई से शुरू हुआ अभियान
भारत में पहली बार हो रही इस पूरी तरह डिजिटल जनगणना का पहला चरण 7 मई को लखनऊ में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर शुरू हुआ था। इस बार की थीम है- “हमारी जनगणना, हमारा विकास”।
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फॉर्म भरने का ये है प्रोसेस…
7 से 21 मई तक चलने वाले इस स्वगणना चरण में नागरिक घर बैठे आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी सारी जानकारी खुद भर सकते हैं।
इसके लिए आपको अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। उसके बाद 34 सवालों के जवाब देने होंगे, जो मकान और परिवार से जुड़े हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने पर एक 11 अंकों की आईडी मिल जाएगी। इसे सेव कर लें या स्क्रीनशॉट लेकर रख लें। जब 22 मई के बाद जनगणना कर्मी घर पहुंचेंगे, तो उन्हें यह ID देनी होगी। जनगणना कर्मी भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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उत्तर प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या करीब 25.70 करोड़ है। सरकार ने पूरे प्रदेश में 5.47 लाख गणना कर्मियों की तैनाती की है। 18 मंडलों, 75 जिलों और 350 तहसीलों को कवर करते हुए यह अभियान गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से न केवल गति बढ़ेगी बल्कि निगरानी भी आसान हो जाएगी।