रक्षाबंधन पर CM योगी का महिलाओं को तोहफा, 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक बसों में फ्री यात्रा, सेफ्टी के लिए एक साथी का भी टिकट माफ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को फ्री बस यात्रा का उपहार दिया है।

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CM Yogi Adityanath Offer Free Bus Travel To Women, One Companion For Raksha Bandhan
रक्षाबंधन पर CM योगी का महिलाओं को तोहफा, 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक बसों में फ्री यात्रा, सेफ्टी के लिए एक साथी का भी टिकट माफ | Image: X

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को फ्री बस यात्रा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस और प्रशासन मिलकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें। महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय रहें और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखी जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे। बैठक में उन्होंने प्रदेश में जलभराव, बाढ़ की स्थिति, रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों के लिए परिवहन व्यवस्था, चीनी की उपलब्धता, आगामी गन्ना पेराई सत्र तथा विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आमजन की सुविधाओं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध के आदेश

रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। निजी बसों के चालकों का सत्यापन कराया जाए। ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। परिवहन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि रक्षाबंधन पर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन मिल सके।

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मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जनपदों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मंडलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी अनावश्यक जलभराव नहीं होना चाहिए। लो-लैंड क्षेत्रों को चिन्हित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। जिन नालों में सिल्ट, कूड़ा या किसी अन्य कारण से पानी की निकासी बाधित है, उनकी तत्काल सफाई कराई जाए।

समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति देखने और आमजन की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने और जहां इसका उत्पादन हो रहा है, वहां छापेमारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सहारनपुर स्थित मां शाकुम्भरी राज्य विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। प्रमुख सचिव नगर विकास को मुख्यालय स्तर से प्रदेश के सभी 762 नगर निकायों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी महापौरों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों पर जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिन्हित कर तत्काल हटाया जाए। नगर निकायों में बाहरी और अनधिकृत तत्वों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। पटरी व्यवसायियों के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 19 बाढ़ प्रभावित जनपदों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बलिया, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी पूरी तरह अलर्ट रहें और जनपदों के कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रहें। मुख्यालय स्तर से भी सभी जनपदों की 24 घंटे निगरानी की जाए। बाढ़ प्रभावित हर परिवार तक राहत पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पका हुआ भोजन और सूखा खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राहत सामग्री का वितरण समय से और व्यवस्थित तरीके से हो। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाए। प्रभारी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर राहत और बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें।

मुख्यमंत्री ने नदी कटान वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नदी की धारा आबादी की ओर बढ़ रही हो या उसका रुख बदल रहा हो, वहां समय रहते ड्रेजिंग कराई जाए। संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आबादी और कृषि भूमि को कटान से बचाया जा सके। बाढ़ में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भूमि का पट्टा उपलब्ध कराकर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाए। बहराइच में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को देखते हुए पेट्रोलिंग बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती जनपदों में तस्करी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।

सीएम योगी की भ्रामक वीडियो पर कड़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री ने कतिपय जनपदों में स्कूल-कॉलेजों को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि गलत और भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने मिड-डे मील, बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय और कक्षाओं की स्थिति की स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को अच्छी सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को अच्छी सुविधाएं मिलें और पठन-पाठन का बेहतर वातावरण बना रहे। बाल वाटिकाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और यह लगभग छह माह की आवश्यकता के अनुरूप है। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में चीनी की उपलब्धता और मूल्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को चीनी के स्टॉक और उपलब्धता की सही जानकारी दी जाए, ताकि किसी तरह की अनावश्यक चिंता या अफवाह की स्थिति न बने। जिलाधिकारी संबंधित अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करें। आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों को चलाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से जुड़ी भुगतान व्यवस्था को प्राथमिकता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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