'केरल HC ने लव जिहाद पर चिंता जताया था, हमें सचेत रहना होगा, लैंड जिहाद से...', लखनऊ में CM योगी ने भरी हुंकार
Yogi Adityanath on Love Jihad: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव और लैंड जिहाद के मसले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लखनऊ में श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा।
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Yogi Adityanath on Love Jihad: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 9 जून को राजधानी लखनऊ में एक समारोह में शामिल हुए। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मंच से लव जिहाद और लैंड जिहाद करने वालों के खिलाफ जमकर हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों मसले को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
बता दें कि लखनऊ में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव’ चली। मंगलवार को उसका समापन होना है, इसी दौरान सीएम योगी कथा में शामिल हुए और इस दौरान उन्होंने मारीच और सुबाहु को लैंड जिहादी करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय केरलम ने (लव जिहाद) पर चिंता व्यक्त की थी कि यह धार्मिक जनसांख्यिकी को बदलने की साजिश है।
लव जिहाद पर केरलम हाईकोर्ट का दिया हवाला
मंच से सीएम योगी ने कहा 'उच्च न्यायालय केरलम ने 2009 और 2011 में इस (लव जिहाद) पर चिंता व्यक्त की थी कि यह धार्मिक जनसांख्यिकी को बदलने की साजिश है। हमने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। हमने उत्तर प्रदेश में 2020 में इस पर सख्त कानून बनाया था। हमें सचेत रहना होगा।' इस दौरान उन्होंने कहा भी कहा कि लव जिहाद को रोकने के लिए आदर्श उदाहरण राम हैं।
लैंड जिहाद पर भी बोले सीएम
मंच से सीएम योगी ने लैंड जिहाद पर भी जमकर हमला किया। उन्होंने कहा ' हमें सचेत रहना होगा, याद रखा नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएगी, लेकिन समाज के सज्जन शक्ति को मिलकर मुकाबला करना होगा।' आगे उन्होंने कहा 'यही स्थिति उस लैंड जिहाद से जुड़े लोगों के प्रति भी रखना होगा। भगवान राम के काल के दौरान खरदूषण, मारीच और सुबाहु क्या कर रहे थे। वे भी लैंड जिहाद (भूमि कब्जा करने) से अभियान से ही जुड़े हुए थे। जबरन कब्जा कर लेना, किसी जमीन को खाली देखा, उसमें जबरन अपना तंबू गाड़ दिया। ये सब अब बंद हो जाना चाहिए।'
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भारत की धरती धर्मशाला नहीं
मंच से आगे सीएम योगी ने कहा 'भारत की धरती उन आक्रांताओं के के लिए जिनकी देश के प्रति आस्था नहीं है, जो भारत के प्रति निष्ठा नहीं रखते। भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते। उन लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती है। एक दम नहीं हो सकती है। और हम सबको उस संकल्प से आगे बढ़ेंगे, कोई कारण नहीं, आज भी शांत शक्ति, जो भारत की सज्जन शक्ति भारत को आगे लेकर जाना चाहती है, ये प्रभु श्री राम की कृपा है, उनका जो आदर्श है, उसी आदर्श पर सभी आगे बढ़ रहे हैं।'