यूपी विधानसभा चुनावों से पहले मायावती ने अपने समधी पर लिया एक्शन, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को फिर किया BSP से बाहर, जानिए क्यों?
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़े पैमाने पर फेरबदल और कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है।
- भारत
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़े पैमाने पर फेरबदल और कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाते हुए अपने समधी (आकाश आनंद के ससुर) अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके अलावा बीएसपी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
अनुशासनहीनता के बेहद खिलाफ मायावती ने पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर को अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निष्कासित किया था, लेकिन उनके सार्वजनिक रूप से माफी मांग लेने पर उनको वापस ले लिया था। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के बाद आकाश आनंद को भी पार्टी से बाहर किया था, लेकिन उनकी भी वापसी कराकर नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया है। मायावती ने शनिवार को ही स्वयं ही टिकट फाइनल करने को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया था
अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में भ्रम फैलाने का आरोप
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को BSP से निष्कासित करने की जानकारी दी। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में भ्रम फैलाने, अनुशासनहीनता करने और आगामी यूपी विधानसभा उपचुनाव के अभियान को प्रभावित करने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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रणधीर सिंह बेनीवाल को भी BSP से निकाला गया
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निकाला गया था और दोबारा गलती न करने की शर्त पर जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन चेतावनियों के बावजूद उनके रवैये में सुधार नहीं आया। इसके साथ ही पार्टी के ताकतवर नेता और पंजाब सहित कई राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में BSP से बाहर कर दिया गया है।
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आकाश आनंद की टिकट देने में कोई भूमिका नहीं
वहीं, बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को पार्टी राष्ट्रीय संयोजक और अपने भतीजे आकाश आनंद की भूमिका साफ कर दी थी। शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने साफ किया कि पार्टी के सभी बड़े निर्णय वह खुद लेती हैं। राज्य स्तरीय बैठकें और पार्टी उम्मीदवारों के नाम वह तय खुद करती हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि आकाश आनंद का कद बढ़ाने या कम करने जैसा कुछ नहीं है। पार्टी उम्मीदवार तय करने से भी उनकी कोई भूमिका नहीं है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश के विधानसभा आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं। पार्टी उम्मीदवार तय करने के लिए प्रदेश व मंडल स्तरीय पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि अब तक मैंने दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर नाम अंतिम कर दिए हैं। आगे भी मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किए जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर किस्म-किस्म के फैलाए जा रहे भ्रम में रत्तीभर सच्चाई नहीं है।