BREAKING: तनाव के बीच प्रशासन का बड़ा एक्शन, 10 दिनों तक राजनीतिक पार्टियों के संभल आने पर लगाया बैन

Sambhal Violence: संभल प्रशासन ने जिले में शांति बनाए रखने के लिए अगले 10 दिनों तक किसी भी राजनीतिक पार्टी के आने पर पाबंदी लगा दी है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Sambhal administration, ban on arrival of political parties
राजनीतिक पार्टियों के संभल आने पर लगा बैन | Image: ANI

Sambhal Violence Update: संभल में विवादित जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर स्थल के सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा के बाद अब यहां के लोग भविष्य की ओर देख रहे हैं और अमन-चैन बहाली की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। शीर्ष अदालत ने भी शुक्रवार को संभल की निचली अदालत से कहा कि वह मुगलकालीन मस्जिद के सर्वेक्षण से संबंधित कोई आदेश पारित न करे। उत्तर प्रदेश सरकार को शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का निर्देश दिया। वहीं अब संभल प्रशासन ने भी बड़ा एक्शन लिया है।

संभल प्रशासन ने जिले में शांति कामय रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने अगले 10 दिनों के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी के आने पर रोक लगा दी है। अभी तक यह पाबंदी 30 नवंबर रोक थी, जिसे अब अगले 10 दिन और बड़ा दिया गया है। संभल में अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को पहली बार किये गए जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद से ही तनाव दिखने लगा था। अदालत ने यह आदेश जिस याचिका पर दिया उसमें दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है वहां पहले कभी हरिहर मंदिर था।

संभल जा रहे मौलाना तौकीर रजा हिरासत में

संभल जा रहे मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। तौकीर रजा को सीबी गंज थाने में रखा गया है। मौलाना ने संभल जाने से पहले हिंसा में मारे गए उपद्रवियों को शहीद कहा था। उन्‍होंने कहा था कि हमारे बच्चे जोकि वहां शहीद हुए हैं उनके परिजनों से मुलाकात करने जा रहा हूं। उन्‍होंने कहा कि मस्‍जिद की दोबारा सर्वे की कोई जरूरत नहीं थी। कुछ हिंदूवादी जो कि मजहबी नारे लगा रहे थे जूते पहन के मस्जिद में दाखिल हुए। संभल में अमन बनाए रखने के लिए संभल का माहौल ठीक करने के लिए मैं चाहता हूं मैं वहां जाऊं और लोगों को समझाऊं। मौलाना तौकीर रजा संभल जाने की बात करते हुए बरेली के मुस्‍लमानों को भड़काते हुए दिखे।

लोग कर रहे शांति की अपील

संभल में 24 नवंबर को मस्जिद का दोबारा सर्वे किये जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हो गयी थी और 25 अन्य जख्मी हो गये थे। इससे जिले में दहशत फैल गई, लेकिन अब स्थानीय निवासी सामान्य स्थिति की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। जामा मस्जिद के पास रहने वाले स्थानीय निवासी डॉ. शाने रब ने लोगों की सामूहिक भावना को व्यक्त करते हुए कहा, 'हमारा संभल ऐसी घटनाओं से तंग आ चुका है। ये घटनाएं हमारे शहर पर एक दाग हैं और हर कोई शांति की राह पर लौटना चाहता है। मुझे विश्वास है कि जल्द ही शांति लौट आएगी।'

Advertisement

स्थानीय शिक्षक विकास वर्मा ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि ‘संभल के लोग इन घटनाओं से बहुत दुखी हैं। हम चाहते हैं कि शांति और सौहार्द कायम रहे। मुश्किल समय के बाद हम सभी सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जल्द ही, संभल फिर से प्रगति की राह पर लौट आएगा।’

संभल में बढ़ाई गई सुरक्षा  

हिंसा के मद्देनजर संभल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, खास तौर पर शाही जामा मस्जिद के आसपास, जहां कड़ी निगरानी में जुमे की नमाज अदा की गई। मस्जिद के आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और स्थिति पर नजर रखने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं कि कोई अप्रिय घटना न हो। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए मस्जिद और प्रमुख मार्गों के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

Advertisement

(भाषा इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: सत्ता को जन्मसिद्ध अधिकार समझने वाले एक दशक से केंद्र में नहीं है, PM मोदी का कांग्रेस पर वार

Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड