Bahraich Violence: बहराइच के महाराजगंज में दूसरे दिन भी पसरा सनाटा, बाजार, इंटरनेट सेवा बंद

बहराइच जिले के महसी तहसील के महाराजगंज कस्बे में सांप्रदायिक हिंसा के बाद दूसरे दिन भी भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रही।

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Bahraich violence
Bahraich violence | Image: PTI

Bahraich Violence: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील के महाराजगंज कस्बे में सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी बाजार बंद रहे और स्थानीय लोग घरों के अंदर ही रहे। मोबाइल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं भी बंद है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी जिले सीतापुर के साथ यातायात आवाजाही शुरू हो गई है और तनावग्रस्त इलाके में हालात सामान्य होते दिख रहे हैं।

रविवार को बहराइच में देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई और पथराव तथा गोलीबारी में करीब छह लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया और पुलिस ने कार्रवाई की। सोमवार को कम से कम तीन संदिग्ध दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया और करीब 30 अन्य को हिरासत में लिया गया।

अमिताभ यश ने संभाला बहराइच में मोर्चा

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने संवाददाताओं का बताया, ‘‘स्थिति सामान्य हो रही है। बहराइच और सीतापुर के बीच का मार्ग फिर से खोल दिया गया है। पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी के जवानों के साथ-साथ जिला पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से महाराजगंज के 20 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा और गश्त सुनिश्चित की जा रही है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।’’

देवीपाटन रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि घटना के बाद स्थानीय हरदी थाने में छह नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कथित हत्या और हिंसा के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिंह ने कहा, ‘‘जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें अब्दुल हमीद, उसका बेटा सरफराज उर्फ रिंकू, फहीम, राजा उर्फ शाहिद (चारों महाराजगंज के), ननकऊ और मारूफ अली (दोनों रेहुआ मंसूर गांव के) तथा चार अज्ञात लोग हैं।’’

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इन गांवों में इंटरनेट सेवा पर बंद

इस बीच, रेहुआ मंसूर गांव और महाराजगंज शहर के स्थानीय लोग ज्यादातर अपने घरों के अंदर ही रहे और क्षेत्र में मोबाइल तथा ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं बंद होने का भी प्रभाव देखा गया। जिले के अन्य हिस्सों में बाजार खुले रहे। एक निजी इंटरनेट सेवा प्रदाता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सोमवार सुबह मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई, जबकि शाम को ब्रॉडबैंड सेवा बंद की गई। हमें सरकारी अधिकारियों ने ऐसा करने के लिए कहा है।’’

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उन्होंने कहा कि बुधवार तक इंटरनेट सेवाएं फिर से शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय नगर निकाय ने सड़कों से जले हुए वाहन हटाने शुरू कर दिए हैं, जिन्हें हिंसा के दौरान आग लगा दी गई थी। निकाय ने दुकानों में आगजनी के कारण हुई गंदगी को भी साफ किया।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड