Azam Khan: आजम खान को एक और झटका, अब जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द, आयकर में नहीं मिलेगी छूट
आयकर विभाग ने 17 जून को लखनऊ में पंजीकृत मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ियों, कर चोरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में थे।
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Azam Khan News: रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब आयकर विभाग ने उनसे जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12A रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जिसके बाद ट्रस्ट को मिलने वाली इनकम टैक्स छूट पूरी तरह समाप्त हो गई है।
आयकर विभाग के आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को अनियमित और जनहित के विरुद्ध बताया गया है। अब इस ट्रस्ट को एक सामान्य 'व्यक्तियों का संघ' (Association of Persons) की श्रेणी में रखा जाएगा, जिसका सीधा मतलब है कि इस पर आम संस्थाओं की तरह टैक्स लगेगा।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने के साथ ही विभाग अब ट्रस्ट से बकाया टैक्स, ब्याज और जुर्माने की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की अवधि से जुड़ी बताई जा रही है।
जारी किए गए थे नोटिस
आयकर विभाग ने 17 जून को लखनऊ में पंजीकृत मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ियों, कर चोरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में थे।
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आयकर विभाग के अधिकारी के अनुसार, आजम खान ने कैबिनेट मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 20.44 करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति मात्र 100 रुपये सालाना किराए पर अपने ट्रस्ट को दिलवाई। शैक्षणिक उपयोग के लिए आवंटित भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर मस्जिद का निर्माण कराया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ट्रस्ट के बाहरी सदस्य महज दिखावटी ट्रस्टी थे, जिन्हें ट्रस्ट की गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। ट्रस्ट की घोषित आय और बैंक जमा के बीच 59.25 करोड़ रुपये का भारी अंतर पाया गया, जिसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। इसके अलावा जबरन दान वसूली और बेहिसाब रकम को दान के रूप में दिखाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
गौरतलब है कि 13 सितंबर 2023 को आयकर विभाग ने आजम खान और उनके करीबियों के ठिकानों पर देशव्यापी छापेमारी की थी, जिसमें करीब 450 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी और कर चोरी का मामला सामने आया था।
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क्या पड़ेगा असर?
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के तहत रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी संचालित होती है। टैक्स से मिलने वाले फायदे खत्म होने से ट्रस्ट की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ हो सकती हैं। अब ट्रस्ट कोई भी गतिविधि संचालित करने में मुश्किल हो सकती है।