कौन होगा राम मंदिर का CEO? 5300 आवेदनों में 18 उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट, IAS-IPS समेत 8 अफसरों ने दिए इंटरव्यू, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी शामिल
ये इंटरव्यू कुल 4 दिनों तक चलेगा और शॉर्टलिस्ट किए गए कुल 18 उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 3 नाम फाइनल किए जाएंगे। इन तीन लोगों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट फाइनल इंटरव्यू करेगा। ट्रस्ट की मंजूरी के बाद एक नाम पर फाइनल मुहर लगेगी।
- भारत
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा होने के बाद मंदिर प्रबंधन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। चंदा चोरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में पक्ष और विपक्ष के बीच खूब जुबानी जंग हुई। उसके बाद ये फैसला लिया गया कि राम मंदिर के प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक CEO नियुक्त किया जाए। जल्दीबाजी में इसके लिए आवेदन मांगे गए। देखते-देखते कुल 5300 उम्मदीवारों ने अप्लाई कर दिए। इसमें कई पूर्व IAS और IPS अधिकारियों ने भी आवेदन किए।
कितने उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट?
अब इन आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और इनका इंटरव्यू जारी है। जिन लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें से कुल 8 कैंडिडेट ने इंटरव्यू दे दिए हैं। इनमें 3 पूर्व IAS, एक पूर्व IPS और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हैं। इनमें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व IPS राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है।
इंटरव्यू के बाद कितने नाम होंगे फाइनल?
जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र ने भी इंटरव्यू दिए हैं। बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों का 15 से 20 मिनट इंटरव्यू हो रहा है। इस दौरान उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव और धार्मिक क्षेत्र में किए गए काम को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। कैंडिडेट्स से भगवान राम में आस्था और परिवार से जुड़े सवाल भी पूछे जा रहे हैं।
कौन लेगा फाइनल इंटरव्यू?
ये इंटरव्यू कुल 4 दिनों तक चलेगा और शॉर्ट लिस्ट किए गए कुल 18 उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा। इनमें अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा का नाम भी शामिल है। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 3 नाम फाइनल किए जाएंगे। इन तीन लोगों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट फाइनल इंटरव्यू करेगा। ट्रस्ट की मंजूरी के बाद एक नाम पर फाइनल मुहर लगेगी।
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चढ़ावा चोरी के खुलासे के बाद देशभर में इस पर खूब चर्चा हुई थी और विपक्ष ने जमकर हल्ला बोला था। इसलिए CEO के चयन प्रक्रिया को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। CEO के चयन के लिए इंटरव्यू बोर्ड में काफी अनुभवी लोगों को रखा गया है। इंटरव्यू लेने वालों में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ सुरेश हावडे और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी खुलासे के बाद क्या-क्या हुआ?
बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे (नकदी और आभूषण) की चोरी का मामला 2026 में कुछ महीने पहले सामने आया। जून 2026 में ऑडिट और संदेह होने पर ट्रस्ट ने SIT जांच की मांग की, जिसके बाद 13 जून को यूपी सरकार ने SIT गठित की। 25 जून को ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर FIR दर्ज हुई, जिसमें टिन्नू यादव और अविनाश शुक्ला समेत 8 को नामजद किया गया।
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8 नामजद आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
26 जून को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के सभी 8 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई। इनसे लाखों रुपये नकद, डॉलर और आभूषण बरामद हुए। SIT जांच में CCTV में 40-45 दिनों में 50 बार से ज्यादा चोरी के सबूत मिले, जिनमें नोट गड्डियां कपड़ों और जूतों में छिपाई जाती थी।ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और एक सदस्य ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने चोरी की रकम से प्लॉट, गाड़ियां खरीदी और रिश्तेदारों को बांटी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निगरानी की और SIT रिपोर्ट मांगी। फिर फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त करने के निर्देश दिए। जांच अभी भी जारी है। राम मंदिर में चढ़ावा गिनती की व्यवस्था बदली गई है और केस अदालत में चल रहा है।