राम मंदिर में CEO की नियुक्ति पर साधु संतों का तीखा विरोध, आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में खुलेगा दान घोटाले का राज
अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को लेकर साधु और संतों ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है। फिलहाल आज सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर सुनावई होने जा रही है, जिससे कई बड़े राज खुलने की संभावना है।
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Ram Mandir Controversy: राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को लेकर साधु-संतों ने कड़ी नाराजगी जताई है। महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने साफ कहा कि मंदिर में CEO की जरूरत नहीं है। अगर CEO रखा गया तो वे आंदोलन करेंगे और इसे होने नहीं देंगे। उन्होंने मांग की है कि मंदिर की जिम्मेदारी साधु-संतों को ही दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई करने वाला है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिकाओं में न्यायालय की निगरानी वाली जांच की मांग की गई है।
साधु-संतों ने जताया विरोध
अयोध्या पुलिस मामले में मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ कर रही है। SIT की शुरुआती जांच में राम मंदिर की गिनती कक्ष में गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV फुटेज में स्टाफ द्वारा नकदी के बंडल कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाने की लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज हुईं। जिससे राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।
साधु संतों का कहना है कि धार्मिक स्थल की देखभाल परंपरागत तरीके से साधुओं द्वारा ही होनी चाहिए। अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है। दान की पारदर्शिता और मंदिर प्रबंधन पर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है। आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। मंदिर से जुड़ी घटना में संत में खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।