BREAKING: अयोध्‍या कचहरी में बम होने की खबर से हड़कंप, वाराणसी और मिर्जापुर कोर्ट में भी धमकी भरा मेल, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

अयोध्‍या कचहरी परिसर में बम रखे जाने की सूचना से हड़ंकंप मच गया। जानकारी मिलते ही स्‍थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं।

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अयोध्‍या कचहरी में बम होने की खबर से मचा हड़कंप, फौरन खाली कराया गया परिसर | Image: Pixabay

अयोध्‍या कचहरी परिसर में बम रखे जाने की सूचना से हड़ंकंप मच गया। जानकारी मिलते ही स्‍थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। फौरन पूरे कचहरी परिसर को खाली करा लिया गया। मौके पर बम निरोधक दस्‍ता, फायर ब्रगेड और डॉग स्‍क्वायड की टीम छानबीन कर रही हैं। इसके अलावा वाराणसी, मिर्जापुर कोर्ट में भी बम की खबर मिली है।

धमकी भरे मेल की जांच की जा रही है कि यह किसने और क्यों भेजा है। सीजेएम ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली है। सीओ सिटी सहित काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

वाराणसी कोर्ट में मिली लावरिस अटैची

वाराणसी में शुक्रवार की सुबह उस वक्त दहशत फैल गई, जब जिला जज को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रदेश के कई जनपदों के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। धमकी देने वाले ने दोपहर 1 बजे का समय निर्धारित करते हुए सिलसिलेवार 18 धमाके करने की बात कही थी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और आनन-फानन में कचहरी परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

इसी दौरान एक लावारिस अटैची मिलने से सनसनी बढ़ गई। बम डिस्पोजल दस्ते की टीम उसकी जांच में जुटी है। कचहरी के साथ ही कलक्ट्रेट के सभी कार्यालय और रजिस्ट्री दफ्तर भी खाली कराया जा रहा है। वहीं, अयोध्या कचहरी का भी नाम होने से वहां भी कचहरी खाली कराकर चेकिंग की जा रही है।

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह ईमेल तमिलनाडु के रहने वाले सुनिया डासन नामक व्यक्ति की ओर से भेजा गया है। ईमेल में केवल धमाके की धमकी ही नहीं दी गई है, बल्कि तमिलनाडु सरकार और मीडिया के गठजोड़ को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर दावे किए गए हैं। ईमेल में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार 2021 तक मीडिया को खत्म करना चाहती थी और इसके लिए वह बड़े पत्रकारों (जर्नलिस्टों) को 'हायर' कर अपने पक्ष में इस्तेमाल कर रही है।

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Published By :
Ankur Shrivastava
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