माफिया अतीक अहमद के बेटा अली की करतूतों को भी नहीं रोक सका नैनी जेल का 'फांसी घर', मांग बैठा 5 करोड़ की रंगदारी; अब झांसी होगा शिफ्ट

माफिया अतीक अहमद का छोटा बेटा अली अहमद, प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया जा रहा है। शासन द्वारा आदेश जारी हो चुका है और जेल प्रशासन को पत्र भी मिल गया है।

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atiq ahmed son ali ahmed transferred to jhasi jail from prayagraj
माफिया अतीक अहमद के बेटी अली की करतूतों को भी नहीं रोक सका नैनी जेल का 'फांसी घर', मांग बैठा 5 करोड़ की रंगदारी; अब झांसी होगा शिफ्ट | Image: X

माफिया अतीक अहमद का छोटा बेटा अली अहमद, प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया जा रहा है। शासन द्वारा आदेश जारी हो चुका है और जेल प्रशासन को पत्र भी मिल गया है। अगले एक से दो दिन में अली को झांसी जेल भेजा जाएगा। हालांकि, स्थानांतरण की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि नैनी जेल में उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए यह बड़ा फैसला किया गया है।

अली अहमद पर अपने रिश्तेदार और प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। फरारी के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद से वह नैनी जेल में बंद है। यही नहीं, प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को हुए चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में भी अली अहमद आरोपी है। आरोप है कि अली ने जेल से ही अपने छोटे भाई असद और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में है बंद 

उमेश पाल केस में अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद उमर भी आरोपी है और लखनऊ जेल में बंद है, जबकि छोटा बेटा असद पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है। इस केस के अन्य तीन आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और बहन भी फरार बताई जा रही हैं और उन पर इनाम घोषित है।

जेल में संदिग्ध गतिविधियां

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नैनी जेल में रहते हुए अली अहमद कई बार चर्चा में रहा है। जून 2025 में उसकी बैरक से 1100 रुपये नकदी बरामद हुई थी। इस घटना के बाद शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डर को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अली को हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, कई संदिग्ध लोग उससे जेल में मिलने आते रहे हैं, जिस पर प्रशासन नजर रखता रहा है। यहां तक कि अली ने जेल बैरक में एलईडी टीवी लगाने की मांग भी की थी, लेकिन जेल मैनुअल का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस मांग को खारिज कर दिया।

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सुरक्षा की मांग खारिज

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अली अपनी जान को खतरा बताता रहा है। दिसंबर 2023 में सुरक्षा की मांग करते हुए उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने ठोस आधार न मिलने पर इसे खारिज कर दिया। अब शासन ने अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जिला जेल स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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