जो कभी दर्शन करने नहीं गए वो राजनीतिक फायदे के लिए राम को याद कर रहे...चढ़ावा चोरी मामले पर अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को घेरा, ओवैसी को दी खुली चुनौती
यूपी में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर सियासत तेज हो गई। इसी क्रम में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी होने के आरोपों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर विपक्ष पर जमकर बरसे।
- भारत
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गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
यूपी में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले पर सियासत तेज हो गई। इसी क्रम में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी होने के आरोपों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर विपक्ष पर जमकर बरसे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो लोग राम मंदिर के विरोधी रहे हैं, वह आज आरोप लगा रहे हैं। राम मंदिर के नाम से मातम करने वाले दान-चढ़ावे की चिंता ना करें और न ही राजनीतिक रोटियां सेंकनी चाहिए।
राम मंदिर भूमि से जुड़े विवाद और अखिलेश यादव के ट्वीट पर अनुराग ठाकुर ने कहा, जो लोग कभी राम सेतु पर विश्वास नहीं करते थे, राम मंदिर आंदोलन से नहीं जुड़े और हमेशा हमारा मजाक उड़ाते थे, यहां तक कि राम मंदिर बनने के बाद भी वे कभी वहां दर्शन करने नहीं गए, आज राजनीतिक फायदों के लिए उन्हें अचानक भगवान राम याद आ गए हैं। उन्होंने साफ किया कि राम मंदिर ट्रस्ट (न्याय) ने गड़बड़ी की किसी भी आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) जांच का अनुरोध किया था, जिसे सरकार ने स्वीकार किया।
उन्होंने कहा, "ट्रस्ट मंदिर का काम अलग से देखता है और उसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, यह हमारी भी मांग है।
धर्मांतरण के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग
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नागपुर में एयरफोर्स ऑफिसर की पत्नी के धर्मांतरण के प्रयास के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर कानून को सख्त रुख अपनाना चाहिए। समाज में ऐसे उदाहरण स्थापित किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे। जितनी अधिक सख्ती होगी, ऐसे मामले उतने ही कम होंगे।
टीएमसी का मतलब 'टेरर, मर्डर और कट्टरपंथी
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसदों के अलग होने के विवाद पर अनुराग ठाकुर ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने लोकसभा चुनाव में टीएमसी को नकार दिया है। सांसदों को भी लगता था कि कट्टरपंथी और कमीशन खाने से उनकी बदनामी हो रही है। ममता दीदी से लेकर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी का दबाव सिर्फ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वरिष्ठ सांसदों के साथ दुर्व्यवहार और उनका अपमान भी किया जाता था।
उन्होंने आगे कहा कि इसी अपमान और अत्याचार से मुक्ति पाने के लिए टीएमसी सांसद अलग हुए हैं और अब वे बंगाल के विकास में बेहतर योगदान दे पाएंगे।
ओवैसी में जितना दम है दिखा दें, यूपी में कुछ नहीं कर पाएंगे
असादुद्दीन ओवैसी द्वारा साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के साथ मिलकर बीजेपी को डेंट (नुकसान) पहुंचाने के दावे पर उन्होंने कहा कि ओवैसी में जितना दम है, वो आकर दिखा दें, वे कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव, मायावती और अन्य लोग कुछ नहीं कर पाए, तो ओवैसी क्या करेंगे? उत्तर प्रदेश की राज्य की बहू-बेटियां और व्यापार तभी सुरक्षित हैं जब यहाँ मोदी-योगी की सरकार है।