अखिलेश के करीबी अवधेश प्रसाद का अयोध्या में विरोध, लोगों ने उल्टे पांव भेजा; पीड़ित भी नहीं मिले
सपा सांसद अवधेश प्रसाद को अपने ही लोकसभा क्षेत्र अयोध्या में विरोध का सामना करना पड़ा। एक रेप पीड़िता के परिवार ने अवधेश का विरोध किया।
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Ayodhya News: अखिलेश यादव के सबसे करीबी नेता और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद को अपने ही लोकसभा क्षेत्र अयोध्या में विरोध का सामना करना पड़ा है। अवधेश प्रसाद रात के अंधेरे में अयोध्या में रेप पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे, लेकिन सांसद को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। यही नहीं, रेप पीड़िता के परिवार ने भी सांसद अवधेश प्रसाद से मिलने से इनकार कर दिया।
अयोध्या में एक दलित लड़की के साथ 2 सितंबर को कथित तौर पर रेप की घटना हुई थी। इसमें शहबान नाम का व्यक्ति मुख्य आरोपी है। 5 सितंबर को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद उसे गिरफ्तार किया था। तकरीबन 5 दिन के बाद अवधेश प्रसाद ने रेप पीड़िता के परिवार की सुध ली और उनसे मिलने के लिए गांव में पहुंचे थे। अवधेश प्रसाद के आने से पहले इस मामले में बीजेपी और बसपा के डेलिगेशन अलग-अलग समय में आकर पीड़िता से मुलाकात कर चुके थे। अवधेश प्रसाद शनिवार रात करीब 8 बजे गांव पहुंचे थे। उन्हें देखते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
लोगों ने नहीं सुनी अवधेश प्रसाद की बात
वीडियो में सांसद को लोगों से कहते सुना गया कि ' हम आपके साथ खड़े हैं। आपको सुरक्षा और मुआवजा दिलाएंगे। अब कोई धमकी नहीं देगा। जिसने ये कांड किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है, फांसी की सजा दिलाई जाएगी। हालांकि गांव के लोगों ने अवधेश प्रसाद के लिए आगे बढ़ने का रास्ता नहीं छोड़ा। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में लोग सांसद से बात कर रहे थे। ग्रामीणों का विरोध बढ़ता देख अवधेश प्रसाद वापस चले गए।
अवधेश प्रसाद से नहीं मिला पीड़ित परिवार
अयोध्या में दलित रेप पीड़िता के घर पहुंचे सपा सांसद अवधेश प्रसाद से परिवार ने मिलने से इनकार कर दिया। थोड़ी देर में आसपास के लोग आ गए थे। गांव वालों ने सपा सांसद का विरोध करना शुरू कर दिया। इसके 10 मिनट बाद ही सपा सांसद को उल्टे पांव लौटना पड़ा। पीड़िता के परिवार का कहना है कि सपा सांसद अवधेश प्रसाद 5 दिन के बाद हमने मिलने आए हैं। उन्होंने किसी तरह से हमारी मदद नहीं की। हम FIR दर्ज कराने के लिए भटकते रहे। मामला दर्ज होने के तीसरे दिन वो मिलने आए और वो भी रात के अंधेरे में।