UP: पहले नामप्लेट जरूरी, अब इस शहर में कांवड़ यात्रा रूट पर नहीं बिकेंगे मांस-अंडे... आदेश जारी

वाराणसी नगर निगम ने फैसला लिया कि कांवड़ मार्ग पर मांस-अंडों की दुकान बंद रखी जाएंगी। एक महीने तक कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकान नहीं खुलेंगी।

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varanasi municipal corporation ban on meat and eggs during kanwar yatra
कांवड़ यात्रा रूट पर मांस-अंडे नहीं बिकेंगे। | Image: ANI/File

Varanasi News: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा वाले रास्तों पर दुकानों में नेमप्लेट लगाने वाले आदेश को लेकर पहले से हंगामा मचा हुआ है। अभी वाराणसी में सिर्फ नेमप्लेट लगाना ही अनिवार्य नहीं है, बल्कि कांवड़ मार्गों पर अंडे-मांस भी नहीं बेच सकेंगे। इसको लेकर वाराणसी नगर निगम ने आदेश जारी किया है, जिसमें पशु विभाग के अधिकारियों को काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वाराणसी नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि कांवड़ मार्ग पर मांस-अंडों की दुकान बंद रखी जाएंगी। एक महीने तक कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकान नहीं खुलेंगी। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी नगर निगम के पशु विभाग को सौंपी गई है। आदेश का पालन ना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।

पहले मुजफ्फरनगर पुलिस लेकर आई नया मॉडल

इसके पहले मुजफ्फरनगर पुलिस एक मॉडल लेकर आई थी, जिसके तहत पूरे जिले में कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानदारों को अपना नाम, कर्मचारी का नाम लिखने के लिए कहा गया। रेहड़ी-पटरी वालों को भी अपना नाम का पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए। मुजफ्फरनगर पुलिस ने कहा कि इस आदेश का उद्देश्य किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव पैदा करना नहीं है, बल्कि मुजफ्फरनगर जिले से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आरोपों का जवाब देना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बचाना है।

मुजफ्फरनगर पुलिस का मॉडल पूरे UP में लागू

फिलहाल मुजफ्फरनगर पुलिस के इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया गया है। 19 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम कदम उठाते हुए आदेश दिया कि पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर खाने पीने की दुकानों पर 'नेमप्लेट'  लगानी होगी। मुख्यमंत्री योगी ने लिखित आदेश जारी नहीं किया, लेकिन निर्देश दिए कि पूरे उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान रास्तों पर लगने वाली दुकानों पर नेमप्लेट लगानी होगी। निर्देश में कहा गया है कि दुकानों पर संचालक मालिक का नाम और पहचान लिखनी होगी। बताया गया कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए फैसला लिया गया है। निर्देश ये भी दिए गए हैं कि हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड