UP में बीजेपी की हार के कारण क्या? एक-एक लोकसभा सीट का हिसाब होगा... बनी टास्क फोर्स

लखनऊ में बीजेपी मुख्यालय पर बीजेपी टास्क फोर्स की बैठक हो रही है। सभी 80 लोकसभा सीटों के हिसाब से दो-दो लोकसभा क्षेत्र के लिए एक टीम बनी है।

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UP BJP Chief Bhupendra Chaudhary With CM Yogi
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ यूपी बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी। | Image: Facebook

UP BJP Meeting: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अब हार की वजह ढूंढ रही है। 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को यूपी के भीतर शिकस्त मिली है। ऐसे में अब हार के कारणों का पता लगाने के लिए पार्टी ने टास्क फोर्स बनाई है। हार की वजह की जमीनी पड़ताल करने के लिए बनी बीजेपी की स्पेशल टीम की बैठक शुक्रवार को पहली बैठक भी हो रही है। बताया जाता है कि लखनऊ में बीजेपी की हार पर मंथन चल रहा है।

लखनऊ में बीजेपी मुख्यालय पर बीजेपी टास्क फोर्स की बैठक हो रही है। सभी 80 लोकसभा सीटों के हिसाब से दो-दो लोकसभा क्षेत्र के लिए एक टीम बनी है। एक टीम में दो सदस्य हैं, ये सदस्य प्रदेश पदाधिकारी और पूर्व विधायक हैं। 15 जून तक लोकसभा क्षेत्र में जाकर टीम हार के कारण जानेगी। इसी तरह यूपी बीजेपी ने 80 पदाधिकारी नेताओं की टास्क फोर्स बनाई है। कानपुर बुंदेलखंड में हारे हुए प्रत्याशी हार के कारणों की इंटरनल रिपोर्ट प्रदेश संगठन को सौंपेंगे। शनिवार से हर एक लोकसभा की रिपोर्ट तैयार होगी।

बंद लिफाफे में सौंपे जाएंगे हार के कारकों के नाम!

टास्क फोर्स की बैठक में उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी शामिल हैं। प्रदेश संगठन के सभी पदाधिकारियों को आज की बैठक में निर्देश दिए जा सकते हैं। बैठक के बाद बंद लिफाफे में हार के कारकों का नाम होगा और ये लिफाफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सौंपा जाएगा। यूपी में करारी हार के बाद मंथन के साथ बीजेपी का फोकस 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी होगा। माना जा रहा है कि अभी से बीजेपी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर काम करना शुरू कर देगी।

UP में बीजेपी को महज 33 सीटें मिलीं

2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 63 से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद थी। बीजेपी ने यूपी की 80 में से सिर्फ 33 सीटें जीती हैं, जबकि 2019 में उसे 63 सीटें मिली थीं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें जीतकर बीजेपी को राज्य में दूसरे नंबर पर धकेल दिया है। बीजेपी के सहयोगी दलों को 3 सीटें, कांग्रेस को 6 सीटें और चंद्रशेखर आजाद रावण को एक सीट मिली है।

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Published By :
Amit Bajpayee
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