BREAKING: वक्फ कानून को लेकर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा, NC ने स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की; जमकर की नारेबाजी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तनवीर सादिक ने वक्फ कानून के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव की मांग की। सदन में मुख्य विपक्षी दल BJP ने इसका विरोध किया।
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Jammu Kashmir Assembly News: वक्फ कानून को लेकर जम्मू कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा हो गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने वक्फ कानून के खिलाफ स्थगन प्रस्थाव लाने की मांग की, जिसकी स्पीकर ने इजाजत नहीं दी। इसके बाद विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के नेता जमकर नारेबाजी करते नजर आए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत अन्य दलों ने हाल ही में एक बैठक कर विधानसभा में वक्फ कानून के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही गई थी। इसी स्थगन प्रस्ताव को लेकर विधानसभा में जोरदार हंगामा मचा।
NC ने स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की
दरअसल, आज (7 अप्रैल) को जैसे ही जम्मू कश्मीर विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तनवीर सादिक ने वक्फ कानून के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव की मांग की। सदन में मुख्य विपक्षी दल BJP ने इसका विरोध किया। इस दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ।
स्पीकर ने खारिज किया नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव
स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने वक्फ कानून पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मंजूरी नहीं दी। उन्होंने कहा, "मैंने नियम देखे हैं। नियम 56 और नियम 58 उप-नियम 7 यह कहता है कि कोई भी मामला जो विचाराधीन है, उसे स्थगन के लिए नहीं लाया जा सकता है। क्योंकि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है और मुझे इसकी एक प्रति मिल गई है। नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि हम स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा नहीं कर सकते हैं।" इसके बाद विधानसभा में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ।
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NC विधायकों ने की नारेबाजी
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने विधानसभा में जमकर बवाल काटा। इस दौरान वह ‘वक्फ बिल नामंजूर’ के नारे लगाते नजर आए। इसको लेकर महबूबा मुफ्ती की पार्टी भी NC के साथ आ गई।
वहीं, इस पर जम्मू कश्मीर विधानसभा में नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि वक्फ कानून को लेकर NC स्थगन प्रस्ताव लाने की योजना बनाकर बहुत ही असंवैधानिक काम कर रही है। इस विधेयक को संसद द्वारा पारित किया जा चुका है। साथ ही राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित ङी किया जा चुका है। हम जहां तक समझते हैं, यह मामला अब न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में है। हमारी विधानसभा के पास विधेयक पर चर्चा या बहस करने का अधिकार नहीं है। ऐसा करना असंवैधानिक माना जाएगा।