UPI MDR: दोस्तों और रिश्तेदारों को 2000 से ज्यादा UPI करने पर लगेगा चार्ज? जानें किसे देना होगा MDR और किसे मिलेगी छूट
नए नियमों के मुताबिक, इन बदलावों का असर आम लोगों पर नहीं पड़ने वाला है। यानी अगर आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार को यूपीआई के जरिये पैसा ट्रांसफर करते हैं तो उस पर कोई फीस नहीं लगेगी, फिर चाहे रकम कितनी भी क्यों न हो।
- भारत
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UPI MDR: केंद्र सरकार ने नए यूपीआई लेनदेन पर नया मर्चेंट डिस्टकाउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया है। इसके तहत अब पर्सन टू मर्चेंट यानी किसी कारोबारी को 2000 रुपये से अधिक की पेमेंट करने पर 0.4% की फीस लगेगी। इसके अलावा पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यूपीआई पेमेंट एकदम फ्री है।
दरअसल, 15 सितंबर को हुई UPI संचालन समिति की बैठक में 2,000 रुपये से अधिक की लेनदेन के लिए UPI MDR को 40 पीबीएस या 0.4% कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब 2000 से ज्यादा पेमेंट पर व्यापारियों को 0.4 फीसदी का चार्ज देना होगा।
आम लोगों पर नहीं पड़ेगा असर
नए नियमों के मुताबिक, इन बदलावों का असर आम लोगों पर नहीं पड़ने वाला है। यानी अगर आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार को यूपीआई के जरिये पैसा ट्रांसफर करते हैं तो उस पर कोई फीस नहीं लगेगी, फिर चाहे रकम कितनी भी क्यों न हो।
MDR क्या है?
MDR (Merchant Discount Rate) UPI पेमेंट पर लगने वाला एक शुल्क (फीस) है, जो ग्राहकों (Users) को नहीं बल्कि मर्चेंट यानी कारोबारियों को बैंक और UPI सर्विस प्रोवाइडर्स को देनी होती है। इस फीस से मिलने वाली रकम न तो सरकार के पास जाती है और न ही NPCI इसे अपने पास रखता है; बल्कि इसे UPI पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े स्टेकहोल्डर्स जैसे बैंकों और पेमेंट ऐप कंपनियों में बांट दिया जाता है। इस पूरे पैसे का इस्तेमाल UPI नेटवर्क के ऑपरेशन और भविष्य में इसके विस्तार के लिए किया जाता है।
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किन पेमेंट पर लगेगा MDR?
2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर अब 0.4% MDR लागू होगा और 75 हजार रुपये या उससे अधिक की पेमेंट पर 300 रुपये से ज्यादा फीस नहीं लगेगी।
छोटे दुकानदारों को MDR से राहत
छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को MDR से छूट दी गई है। नए नियम के अनुसार, मोहल्ले की दुकान, स्ट्रीट वेंडर या फिर ऐसे ही दूसरे छोटे कारोबारी से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे छोटे कारोबारी जो P2M कैटेगरी के तहत UPI-QR कोड से महीने में 1 लाख तक की पेमेंट लेते हैं, उन्हें सभी ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR का फायदा मिलेगा।
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जरूरी सेवाओं के लिए क्या है नियम?
पेट्रोल-डीजल, CNG, रेलवे, फोन/मोबाइल और खेती-किसानी जैसे स्पेसिफाइड मर्चेंट कैटेगरी में 2,000 से अधिक के भुगतान पर अब 5 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR लगेगा, जिसका सीधा मतलब है कि इस तय राशि से ऊपर के हर लेनदेन पर 5 रुपये का फिक्स्ड शुल्क लिया जाएगा।
छोटे दुकानदारों के लिए बनाया जाएगा अलग फंड
पीआईबी (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के बीच UPI की पहुंच बढ़ाने के लिए एक अलग फंड बनाया जाएगा, जिसमें कुल MDR से मिलने वाली रकम का 5 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा। इस फंड का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ना, उन्हें इसके सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना और देश के कोने-कोने में डिजिटल भुगतान को लगातार बढ़ावा देना है।
अगर दुकानदार ज्यादा पेमेंट मांगे तो क्या करें?
UPI पेमेंट पर MDR को लेकर सरकार और NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशंस ऑफ इंडिया) ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है कि आम लोगों के लिए UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेगा। नए नियमों के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लगने वाला 0.4 फीसदी का MDR शुल्क केवल दुकानदारों को देना होगा, न कि ग्राहकों को।
इसके बावजूद, अगर कोई दुकानदार बिलिंग के वक्त आपसे UPI पेमेंट के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे मांगता है या 0.4% फीसदी ज्यादा मांगता है, तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में आप इसकी शिकायत सीधे अपने बैंक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) या संबंधित अधिकारी से कर सकते हैं।
15 अक्टूबर से UPI पर लागू होगा MDR
बता दें कि 15 अक्टूबर 2026 से देश में यूपीआई पर MDR लागू कर दिया जाएगा। इससे बैंकों, ऐप्स और मर्चेंट्स को अपना सिस्टम अपडेट करने का समय मिल सकेगा।