UPI MDR Charge: UPI पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर, दिवाली तक नहीं लगेगा कोई MDR चार्ज, सरकार का बड़ा फैसला
यूपीआई के जरिए पेमेंट करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मोदी सरकार ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए 2000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर लगने वाले MDR चार्ज को फिलहाल टाल दिया है। पहले यह प्रस्तावित MDR चार्ज 15 अक्टूबर से लगने वाला था।
- भारत
- 2 min read

UPI MDR Charge: यूपीआई के जरिए पेमेंट करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मोदी सरकार ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए 2000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर लगने वाले MDR चार्ज को फिलहाल टाल दिया है। पहले यह प्रस्तावित MDR चार्ज 15 अक्टूबर से लगने वाला था। इसके लागू होने नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी
दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 15 अक्टूबर से लागू होने वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR चार्ज को फिलहाल टाल दिया है। UPI और सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी ने आज फ़ैसला लिया कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, कुछ खास पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा, जिसकी तारीख अलग से बताई जाएगी।
2000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर कितना लगेगा MDR चार्ज
केंद्र सरकार ने हाल ही में ऐलान किया था कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर 0.40% का MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज लगेगा। इसे 15 अक्तूबर से लागू होना था, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है। यह त्योहारों के सीजन में सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी है। पिछले महीने 14 सितंबर 2026 को नोटिफिकेशन जारी कर नेशनल पेमेट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने MDR को लेकर एक सर्कुल जारी किया था। इसके मुताबिक यूपीआई पमेंट पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट तय किया गया था। 2000 रुपये से कम की यूपीआई लेनदेन को MDR से मुक्त रखा गया था। जबकि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई की लेनदेन पर 0.40 फीसदी MDR लगाया गया था। इस सर्कुलर में कहा गया था कि फ्लैट 5 रुपये से 300 रुपये तक चार्ज अलग-अलग कैटेगरी के ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे।
छोटे कारोबारियों को सरकार ने दी थी राहत
सरकार ने MDR चार्ज से छोटे व्यापारियों और कुछ खास सेक्टर्स को राहत दी थी। खासतौर पर उन दुकानदारों के लिए जो अपनी दुकान पर लगे क्यूआर कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक ले पाते हैं। ऐसे कारोबारियों के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट जीरो वाली कैटेगरी में शामिल किया गया है।