अपडेटेड 3 March 2025 at 23:35 IST

UP: निजी सेवाएं दे रहे सरकारी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश

इलाहाबाद HC ने UP सरकार को सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त उन चिकित्सकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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Allahabad HC
इलाहाबाद हाईकोर्ट | Image: PTI

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त उन चिकित्सकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जो निजी संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं।

अदालत ने प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) के व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर इस मामले की स्थिति का खुलासा करने का निर्देश दिया और इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 26 मार्च तय की।

यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने चिकित्सक अरविंद गुप्ता की ओर से दायर याचिका पर पारित किया। चिकित्सक गुप्ता ने प्रदेश के उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग के अध्यक्ष और सदस्य द्वारा पारित आदेश के खिलाफ यह याचिका दायर की है।

अदालत के पूर्व के आदेश के आलोक में प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) द्वारा एक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया गया जिसमें बताया गया कि 37 जिलों के जिलाधिकारियों ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जिसकी सरकार द्वारा समीक्षा की जा रही है।

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अदालत ने कहा कि पूर्व में दाखिल हलफनामे में यह उल्लेख किया गया है कि निजी सेवाएं देने में संलिप्त चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। मौजूदा हलफनामा में इस बात का कोई उल्लेख नहीं है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई किस चरण में है और चिकित्सकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

अदालत ने राज्य सरकार से जितनी जल्द हो सके, अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी करने की अपेक्षा की ताकि पूरे प्रदेश के चिकित्सकों को संदेश जाए और वे सरकारी अस्पतालों में नियुक्त होने के बाद निजी सेवाओं से दूरी बनाएं।

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इससे पूर्व, अदालत ने आठ जनवरी के अपने आदेश में इस बात पर चिंता जताई थी कि सरकारी चिकित्सक मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

अदालत ने कहा था, “यह एक समस्या बन गई है कि मरीजों को निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए रेफर किया जाता है और सरकार द्वारा नियुक्त चिकित्सक पैसा कमाने के लिए मरीजों को निजी नर्सिंग होम और अस्पताल के लिए रेफर करते हैं।”

भाषा

राजेंद्र, रवि कांत रवि कांत

Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 3 March 2025 at 23:35 IST