'डकैत को हीरो न बनाएं...', बॉक्स ऑफिस पर नोट छाप रहे 'धुरंधर 2' को लेकर CM योगी ने फिल्म मेकर्स को दी नसीहत

CM Yogi: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में फिल्म निर्माताओं को बड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि फिल्में ऐसी बननी चाहिएं, जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन सकें। उन्होंने निर्माताओं से डकैतों को हीरों के तौर पर प्रस्तुत न करने की अपील की।

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CM Yogi advice to Film Makers
फिल्म निर्माताओं को सीएम योगी की सलाह | Image: X

CM Yogi Adityanath Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिन के वाराणसी दौरे पर हैं और यहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 'धुरंधर 2' का नाम लिए बिना फिल्म को लेकर कई बातें कही। सीएम योगी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए फिल्म निर्माताओं को बड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ऐसा कंटेंट बनाना चाहिए, जो समाज के लिए प्रेरणा बने। डकैत को हीरो के तौर पर न दिखाया जाए।

शुक्रवार (3 अप्रैल) को सीएम योगी वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सिनेमा को समाज का आईना बताया। उन्होंने कहा कि सिनेमा जैसा परोसेगा वर्तमान पीढ़ी वैसे ही अपने आदर्श अपनाएंगी।

‘ऐसी फिल्में आनी चाहिए जो प्रेरणा बन सकें’

सीएम ने कहा कि मैं अक्सर कलाकारों, फिल्म डायेरक्टरों और प्रोड्यूसरों से कहता हूं कि ऐसी फिल्में आनी चाहिए जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन सकें। अगर किसी डकैत को आप हीरो के रूप में प्रस्तुत करोगे तो युवा पीढ़ी उस डकैत को अपना आदर्श मानेगी। डकैत को हीरो के रूप में मत दिखाओ।

जनता डकैतों को दुत्कार रही है- CM योगी 

'धुरंधर 2' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नए भारत में आप देख रहे होंगे कि जितने डकैत थे न उन डकैतों को दुनिया और कम से कम भारत ने तो किस प्रकार से दुत्कारा है। वर्तमान में चल रही तमाम ऐसी फिल्में उदाहरण है कि जनता उसको हाथों-हाथ ले रही है। उनको नकार रही है।

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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक समय था जब अच्छे पात्रों को खलनायक के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती थी और खलनायकों को उन फिल्मों के जरिए नायक के रूप में दिखाया जाता था। इसका परिणाम क्या था, पीढ़िया खराब हुई... अन्याय के खिलाफ, अत्याचार के खिलाफ, शोषण के खिलाफ, जनता के मुंह से आवाज नहीं निकलती थी, क्योंकि युवा पीढ़ी के सामने उस तरह का आदर्श प्रस्तुत नहीं किया गया था। अब आपने देखा होगा कि किस प्रकार की प्रस्तुति हो रही है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
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