बिहार के अररिया में गिरा पुल, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया रिएक्ट; एक्स पर बताया जिम्मेदार कौन?
बकरा नदी पर बना पुल दो प्रखंडों को जोड़ता था। 18 जून को 3 स्तंभ ढहने के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

Gadkari On Araria Bridge Collapse: बकरा नदी पुल हादसे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पहली प्रतिक्रिया आई है। एक्स पर अपनी राय जाहिर की। बताया कि जिम्मेदारी आखिर किसकी थी? स्पष्ट किया कि उनके मंत्रालय की इसमें भूमिका नहीं थी।
बिहार में एक और पुल नदी में समां गया। इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ था। हादसा अररिया के सिकटी में हुआ। पडरिया की बकरा नदी पर 12 करोड़ की लागत से बना था। जो देखते ही देखते नदी में समां गया। लोगों को इसका काफी दिनों से इंतजार था।
गडकरी की पहली प्रतिक्रिया आई सामने
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा- बिहार के अररिया में दुर्घटनाग्रस्त पुलिया का निर्माण केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अंतर्गत नहीं हुआ है। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत इसका काम चल रहा था।
इससे पहले सिकटी विधायक विजय कुमार ने जांच की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा-"निर्माण कंपनी के मालिक की लापरवाही के कारण पुल ढहा है। हम मांग करते हैं कि प्रशासन इसकी जांच कराए।"
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पहले भी बिहार में ढहे पुल
नदी में समा गया पुल सिखटी और कुर्साकाटा प्रखंड को जोड़ता था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि स्थानीय बीजेपी विधायक विजय कुमार मंडल और सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने काफी मेहनत की थी इसे बनवाने में। पहले जब पुल बना था तो बाढ़ की वजह से नदी का किनारा दूर चला गया था। फिर 12 करोड़ की लागत से नदी के किनारे तक पुल को बड़ा बनाने का काम प्रारंभ हुआ। लेकिन 18 जून की दोपहर इसके तीन स्तंभ धंस गए और स्पष्ट हो गया कि विभाग के जिम्मेदार लोगों ने ध्यान नहीं दिया और पुल धड़ाम से गिर गया।
जून 2023 में सुल्तानगंज में गंगा नदी पर बन रहा पुल गिर गया था। इसी साल यानि मार्च 2024 में सुपौल में कोसी नदी पर बन रहे पुल का स्लैब गिरा और एक मजदूर की मौत हो गई थी।