समान नागरिक संहिता किसी धर्म, किसी पंथ के खिलाफ नहीं; इससे केवल कुप्रथाओं को दूर किया- CM पुष्कर सिंह धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) किसी धर्म, किसी पंथ के खिलाफ नहीं है, इससे केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है।

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Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami
पुष्कर सिंह धामी | Image: File/Facebook

Uniform Civil Code: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) और लिव इन संबंधों को लेकर श्रद्धा वालकर हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा समान नागरिक संहिता किसी धर्म, किसी पंथ के खिलाफ नहीं है, इससे केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है।

सीएम धामी ने कहा कि जिनके बेटे-बेटियां लिव इन रिलेशन में रहते हैं और उनके माता-पिता को पता नहीं रहता है। प्रशासन को भी कोई जानकारी नहीं होती है, उस कारण बहुत बार साथ में रहते-रहते अच्छे संबंध धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं। संबंध घराब होने पर आपस में हिंसा होती है, हत्याएं होती हैं। इस प्रकार की चीजें बहुत सारे प्रकरणों में सामने आई हैं।

श्रद्धा के माता-पिता के पास आंसू के सिवा कुछ नहीं बचा- सीएम धामी

दिल्ली में चर्चित कांड श्रद्धा नाम की बेटी को आफताब जैसे हैवान ने साथ में रहते हुए टुकड़े-टुकड़े कर फ्रीज में रख दिए और एक-एक टुकड़ा करके जंगल में फेंककर आता था और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके माता पिता से बेटी बनकर बात करता था। श्रद्धा के माता-पिता को जब पता चला कि उनकी बेटी दुनिया में नहीं है तो उन माता-पिता के पास जीवन भर आंसू बहाने के सिवा कुछ नहीं बचा।

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'अब आफताब जैसा कोई भी हैवान श्रद्धा बेटी की हैवानियत से हत्या नहीं कर पाएगा'

सीएम धामी ने कहा कि हम चाहते थे, हमारे मन में भावना थी, अब आफताब जैसा कोई भी हैवान श्रद्धा बेटी की हैवानियत से हत्या नहीं कर पाएगा, इसलिए हमने (UCC में लिव इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों की) व्यवस्था की। लिव इन संबंधों के कारण कितनी ही बार महिलाओं और पुरुषों को दिक्कतों का सामान करना पड़ता है, इसलिए हमने प्रावधान किया। यूसीसी में लिव इन संबंधों के रजिस्ट्रेशन का प्रावधान, इन संबंधों के कारण उत्पन्न होने वाली सभी समस्याओं का तार्किक समाधान है। देश में कई दशकों तक ऐसी पार्टी सत्ता में रही, जिसने वोटबैंक की राजनीति के लिए UCC लागू करने का साहस नहीं किया।

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Published By:
 Deepak Gupta
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