उत्तराखंड में 27 जनवरी से लागू हो सकता है UCC, बदल जाएंगे विवाह, तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति के अधिकार जैसे कई नियम
UCC in Uttarakhand: उत्तराखंड में 27 जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू हो सकती है।
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UCC in Uttarakhand: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है, सूत्रों के मुताबिक 27 जनवरी से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि जनवरी महीने में कभी भी UCC लागू हो जाएगी। सीएम धामी ने साल 2022 के चुनावों में राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया था।
उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति के अधिकार, गोद लेने और विरासत जैसे कई चीजों में बदलाव हो जाएगा। UCC सभी के लिए एक समान कानून है, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय का हो। UCC लागू होने के बाद उत्तराखंड में क्या होंगे बदलाव एक नज़र इस पर।
- जाति, धर्म या संप्रदाय से परे तलाक के लिए एक समान कानून होगा फिलहाल देश में हर मजहब के लोग अपने पर्सनल लॉ के जरिए इन मामलों को सुलझाते हैं, वहीं, हलाला और इद्दत की प्रथाएं बंद होंगी।
- लड़कियों को लड़कों के बराबर विरासत में हिस्सा मिलेगा।
- लिव-इन रिलेशनशिप को रजिस्टर कराना होगा।
- लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चे को भी शादीशुदा जोड़े के बच्चे के समान अधिकार मिलेंगे।
- आधार कार्ड अनिवार्य होगा।
- 18 से 21 साल की उम्र के जोड़ों को माता-पिता का सहमति पत्र देना होगा।
- बहुविवाह पर रोक लगेगी।
- लड़कियों की शादी की उम्र, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म की हों, 18 साल होगी
- सभी मजहब को बच्चे गोद लेने का अधिकार मिलेगा, लेकिन दूसरे मजहब के बच्चे को गोद नहीं लिया जा सकेगा।
समान नागरिक संहिता के इस मसौदे में अनुसूचित जनजातियों को पूरी तरह से बाहर रखा गया है। ट्रांसजेंडर, पूजा पद्धति, परंपराओं जैसे धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है, विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। ग्राम सभा स्तर पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी।
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