तुर्की-चीन के कबाड़ ड्रोन-मिसाइल हवा में ही तबाह, PHOTO आई सामने... ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना का एयर डिफेंस सुपरहिट
भारतीय सेना ने यह साबित कर दिया कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो हर चुनौती का माकूल जवाब देना हमारी ताकत है।
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भारतीय सेना ने यह साबित कर दिया कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो हर चुनौती का माकूल जवाब देना हमारी ताकत है। हाल ही में पाकिस्तान ने जो भारतीय सीमाओं की ओर तुर्की और चीन निर्मित पुराने और कमजोर ड्रोन भेजे, जिन मिसाइलों को भारतीय सेना के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से हवा में ही नष्ट कर दिए।
इन हथियारों को अब 'कबाड़ तकनीक' करार दिया गया है, जो न तो भारतीय रडार से बच पाए, न ही इंटरसेप्ट से। सेना ने न सिर्फ इन्हें मार गिराया, बल्कि इनके मलबे को भी मीडिया और विश्लेषकों के सामने प्रस्तुत किया, जिससे यह साफ हो गया कि भारत की रक्षा प्रणाली सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से अग्रणी भी है।
सिर्फ ऑपरेशन नहीं, सेना की तैयारी का प्रमाण
यह ऑपरेशन न सिर्फ भारत की सैन्य तैयारी का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दुश्मन के पुराने, असमर्थ हथियार अब भारतीय सीमाओं पर ज्यादा देर टिक नहीं सकते। दरअसल, भारत ने 7 से 10 मई के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में घुसकर ड्रोन, मिसाइल और बम से हमले किए, जिससे पाकिस्तान के कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ चीन के बनाए हथियारों की नाकामी भी पूरी दुनिया के सामने आ गई।
भारतीय डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही किया तबाह
ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि पाकिस्तान के पास मौजूद चीनी हथियार और लड़ाकू विमान गंभीर संकट के समय कुछ खास असर नहीं दिखा सके। पाकिस्तान अपने कुल रक्षा आयात का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा चीन से खरीदता है। इनमें रडार, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और फाइटर जेट्स शामिल हैं, लेकिन भारत के हमलों के सामने ये सब बिलकुल बेअसर साबित हुए।
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लाहौर में चीन का बना एयर डिफेंस रडार भारतीय हमले में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ। पंजाब के चुनियां एयरबेस में तैनात चीन का वाईएलसी-8ई एंटी-स्टील्थ रडार पूरी तरह तबाह कर दिया गया। चीन से मिले ड्रोन और एआर-1 लेजर गाइडेड मिसाइलें, जो पाकिस्तान ने भारत पर दागीं, भारतीय डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया।