'टॉप लेवल की बहस मैच्योर लोगों के बीच होती है...', राहुल की PM मोदी को खुली बहस की चुनौती पर किरेन रिजिजू का तंज

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के सहारे देश के दुश्मनों का एजेंडा आगे बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना 'धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले इस्लामी कट्टरपंथियों' से की है।

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'टॉप लेवल की बहस मैच्योर लोगों के बीच होती है...', राहुल की PM मोदी को खुली बहस की चुनौती पर किरेन रिजिजू का तंज
'टॉप लेवल की बहस मैच्योर लोगों के बीच होती है...', राहुल की PM मोदी को खुली बहस की चुनौती पर किरेन रिजिजू का तंज | Image: ANI

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया था। इस विवाद ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की तल्खी को और बढ़ा दिया है।

रिजिजू की तीखी तुलना और आरोप

एक्स पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की तुलना 'धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले इस्लामी कट्टरपंथियों' से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

रिजिजू ने लिखा कि यह स्थिति कुछ वैसी ही है जैसे अलगाववादियों के हाथ में भारतीय झंडे और अराजकतावादी संविधान की प्रति दिखाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद देश के विरोधियों के एजेंडे को बढ़ावा देना और फिर दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना पूरी तरह से आत्म-उपहास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के शीर्ष नेताओं के बीच बहस हमेशा परिपक्वता और गरिमा के साथ होनी चाहिए।

राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर विदेशी ताकतों के सहारे देश की वित्तीय प्रणाली को नियंत्रित करने और सत्ता हासिल करने का गंभीर आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से खुली बहस की चुनौती दी है।

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राहुल गांधी ने अपनी चुनौती में कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच या स्थान का चयन कर सकते हैं। उन्होंने यहां तक प्रस्ताव दिया कि इस चर्चा के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी न्यायाधीश नियुक्त किया जा सकता है। राहुल का कहना था कि प्रधानमंत्री उन्हें देशद्रोही और राष्ट्र-विरोधी कहते हैं, इसलिए इस बहस में यह साफ हो जाना चाहिए कि असल में विदेशी ताकतों के साथ किसके संबंध हैं। राहुल ने यह भी याद दिलाया कि उन पर मानहानि के कई मामले दर्ज हैं, लेकिन विदेशी संबंधों के इस गंभीर मुद्दे पर सरकार की तरफ से कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है। दूसरी ओर, पीएम मोदी ने भी गुजरात में सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर विपक्ष पर करारा प्रहार किया था। पीएम मोदी ने विपक्ष पर देश को विभाजित करने की साजिश रचने वाली ताकतों का समर्थन करने और विकास में बाधा बनने का आरोप लगाया था।

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Published By:
 Aarya Pandey
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