अपडेटेड 2 December 2025 at 11:33 IST
'आज दुनिया PM मोदी की बात सुनती है...', मोहन भागवत ने बताया वैश्विक मंच पर क्यों बढ़ रहा भारत का कद
RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा कि भारत का कद आज वैश्विक मंच पर नई तस्वीर पेश कर रहा है। जब प्रधानमंत्री मोदी बोलते हैं तो दुनिया के नेता ध्यान से सुनते हैं।
- भारत
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Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महाराष्ट्र के पुणे में आरएसएस की स्थापना के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत का कद आज वैश्विक मंच पर नई तस्वीर पेश कर रहा है।
संघ प्रमुख ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी बोलते हैं तो दुनिया के नेता ध्यान से सुनते हैं और ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि भारत की ताकत सभी को पता लग रही है और देश को उसका उचित स्थान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि वैश्विक समाधान देने वाला राष्ट्र बनता नजर आ रहा है। उन्होंने इस बात को विस्तार से भी समझाया।
दुनिया भारत के प्रधानमंत्री की बात क्यों सुन रही?
वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद को लेकर संघ प्रमुख ने कहा, 'आज दुनिया भारत के प्रधानमंत्री की बात सुनती है। क्यों? क्योंकि भारत की ताकत अब वहां दिखाई जा रही है जहां उसे दिखाने की जरूरत है। इसीलिए दुनिया समझने लगी है।' उन्होंने बताया कि यह सिर्फ राजनीतिक ताकत ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक शक्ति का भी संकेत है जिसे दुनिया धीरे-धीरे समझने लगी है।
अब सोचने का समय- मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि संघ का 100 साल का सफर मील के पत्थर मनाने के बारे में नहीं था। यह जिम्मेदारियों को पूरा करने के बारे में था। उन्होंने कहा, 'संघ ने चुनौतियों और कई तूफानों का सामना करते हुए सौ साल पूरे कर लिए हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि हम आत्मचिंतन करें कि पूरे समाज को एकजुट करने में इतना समय क्यों लगा।'
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'संघ 30 साल देरी से नहीं आया बल्कि…'
मोहन भागवत ने सभा में मौजूद लोगों को एक किस्सा याद कर बताया कि एक बार उनसे कहा गया था कि संघ 30 साल देरी से आया है। इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि हम देरी से नहीं आए। संगठन हमेशा सक्रिय रहा है, लेकिन उसकी बात सुनी नहीं गई। उन्होंने कहा कि लोग जबरदस्ती नहीं, बल्कि बातचीत और साथ मिलकर काम करने की ताकत खींचे चले आते हैं।
RSS प्रमुख ने एकता पर दिया जोर
उन्होंने आगे कहा कि इतिहास गवाह है जब भारत उभरता, तो वैश्विक समस्याएं कम होती हैं और शांति स्थापित होती है। मौजूदा वैश्विक हालात भारत से यही मांग करते हैं। इसी मिशन के लिए संघ के वालंटियर पहले दिन से काम कर रहे हैं।
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RSS प्रमुख ने एकता पर जोर देते हुए कहा कि हमारी नींव विविधता में एकता में निहित है। हमें साथ चलना चाहिए और इसके लिए धर्म जरूरी है। क्योंकि भारत में सभी दर्शन एक ही स्रोत से निकले हैं, इसलिए हमें तालमेल के साथ आगे बढ़ना होगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 2 December 2025 at 11:25 IST