आज फिर खुलेगा जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार, अपार खजाने की होगी शिफ्टिंग; जानिए शुभ मुहूर्त कब

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को एक बार फिर खोला जा रहा है। 11 सदस्यीय समिति इसकी निगरानी करेगी, जिसके बाद कई रहस्यों से पर्दा हटेगा।

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Jagannath Temple Ratna Bhandar
जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार खुलेगा | Image: R Bharat

Inner Ratna Bhandar of Jagannath Temple: पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को एक बार फिर खोला जा रहा है। आज सुबह 9.51 बजे से 12 बजे के बीच भंडारगृह को खोला जाएगा और 11 सदस्यीय समिति इसकी निगरानी करेगी। इस टीम की अगुवाई हाईकोर्ट के जज विश्वनाथ रथ कर रहे हैं। इससे पहले सिर्फ बाहरी भंडार के रत्न बाहर लाए गए थे, इसके बाद फिर भीतर भंडार खोले जाने को लेकर सभी की निगाहे थीं। 

आखिर कार आज सभी का इंतजार खत्म होने जा रहा है, जिसके बाद कई रहस्यों से पर्दा हटेगा। 14 जुलाई को बाहरी रत्न भंडार के सामान को अस्थाई भंडार में शिफ्ट किया गया था। इसमें रत्न भंडार में मौजूद अलमारी और बक्सों से आभूषणों को अस्थाई भंडार में स्थानांतरित किया गया था। लेकिन अब आज भीतरी रत्न भंडार खुलने जा रहा है।  

भीतरी भंडार की शिफ्टिंग का काम जारी

भीतरी रत्न भंडार में जितना भी सामान है, उसे SOP (Standard Operating Procedure) के तहत अस्थाई भंडार में शिफ्ट किया जाएगा। आभूषणों के बारे में अभी कोई सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन शिफ्टिंग प्रक्रिया के बाद मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।

शिफ्टिंग की पहली प्रक्रिया पूरी होने के बाद रत्न भंडार की मरम्मत का काम किया जाएगा। इसके लिए एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) जिम्मेदार होगी। मरम्मत के बाद आभूषणों को सही सलामत रत्न भंडार में वापस शिफ्ट किया जाएगा।

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रत्न भंडार लिस्टिंग में कितना टाइम लगेगा?

काउंटिंग की प्रक्रिया के लिए स्वतंत्र मार्गदर्शिका पुनः जारी की जाएगी। हालांकि, रत्न भंडार की स्थिति पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि यह एएसआई का काम है। लेकिन रत्न भंडार लिस्टिंग की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, यह कहना फिलहाल बहुत मुश्किल है। संबंधित अधिकारियों ने सभी प्रक्रियाओं को सही तरीके से और सुरक्षित ढंग से पूरा करने का आश्वासन दिया है।

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46 साल पहले खुला था रत्न भंडार

रत्न भंडार आखिरी बार 1978 में खोला गया था। इसके बाद 2018 में हाईकोर्ट ने भंडार खोलने का निर्देश दिया था। मगर चाबी गायब होने की बात कहकर भंडार नहीं खोला जा सका। पूजा पाठ के बाद जिस वक्त गर्भ गृह का बाहरी हिस्सा खोला गया उस दौरान सरकार के प्रतिनिधि, ASI के अधिकारी, श्री गजपति महाराज के प्रतिनिधि और 4 सेवादारों सहित 11 लोग मौजूद थे। सांप पकड़ने वाली दो टीमें बनाई गई थीं। एक टीम साथ में अंदर गई और एक टीम बाहर तैनात थी। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड