तिरुपति बालाजी से गैर-हिंदू कर्मचारियों की होगी छुट्टी, लड्डू विवाद के बाद मंदिर ट्रस्ट TTD का फैसला

Tirupati Balaji Mandir: तिरुपति बालाजी मंदिर में हुए लड्डू विवाद के बाद ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। गैर-हिंदू कर्मचारी मंदिर प्रबंधन के हिस्सा नहीं होंगे।

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 Tirupati Balaji Temple
तिरुपति बालाजी मंदिर | Image: Tirupati Balaji mandir

Tirupati Balaji Mandir: तिरुपति बालाजी मंदिर में गाय के घी से बने प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद मंदिर के ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर के ट्रस्ट TTD की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार नवगठित तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने प्रस्ताव पारित कर कहा है कि बोर्ड में कार्यरत गैर-हिंदू या तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लें, या फिर आंध्र प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में ट्रांसफर करने का विकल्प चुने।

बता दें, TTD एक स्वतंत्र सरकारी ट्रस्ट है, जिसके माध्यम से तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर को मैनेज किया जाता है। इस मंदिर को दुनिया का सबसे अमीर हिंदू मंदिर कहा जाता है। टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू ने इस फैसले की पुष्टि तो की लेकिन इस बात को बताने से इनकार कर दिया कि मंदिर में कितने गैर-हिंदू कर्मचारी हैं।

चंद्रबाबू नायडू ने प्रसाद में पशु चर्बी के इस्तेमाल का लगाया था आरोप

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और TDP सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि पिछली YSRCP सरकार ने पवित्र मिठाई तिरुपति लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया था। बाद में प्रसाद को लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया था। लैब रिपोर्ट ने कन्फर्म किया कि मंदिर के प्रसादम (लड्डू) में बीफ फैट और फिश ऑयल का इस्तेमाल किया जाता था। बता दें, प्रसादम को टेस्टिंग के लिए गुजरात में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड भेजा गया था।

TTD चीफ के बयान पर भड़के ओवैसी

इससे पहले टीटीडी चीफ ने जब मंदिर में गैर-हिंदू कर्मचारियों को हटाने की मांग की थी तो AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भड़क उठे थे। TTD बोर्ड के नए अध्यक्ष BR नायडू ने कहा था कि मंदिर में काम करने वाले सभी लोग हिंदू होने चाहिए। बीआर नायडू के बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मंदिर के बोर्ड में केवल हिंदू चाहिए और वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम को अनिवार्य करना चाहते हैं।

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‘जो नियम एक के लिए सही है, वो…’

TTD के अध्यक्ष के बयान पर ओवैसी ने प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, "तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के अध्यक्ष का कहना है कि तिरुमाला में केवल हिंदुओं को ही काम करना चाहिए। लेकिन मोदी सरकार वक्फ बोर्ड और वक्फ काउंसिल में गैर-मुस्लिमों का होना अनिवार्य करना चाहती है। अधिकांश हिंदू बंदोबस्ती कानून इस बात पर जोर देते हैं कि केवल हिंदू ही इसके सदस्य होने चाहिए।" उन्होंने कहा कि जो नियम एक के लिए सही, वो दूसरे के लिए भी सही होना चाहिए, नहीं?

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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