अपडेटेड 9 January 2026 at 13:03 IST
'मैं सड़क पर लोगों के साथ हूं,कोई मुझे...', बम से उड़ाने की धमकी के बावजूद डेकर्स लेन के दौरे पर गर्वनर सीवी आनंद बोस, CM ममता को लेकर कही बड़ी बात
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को को जान से मारने की धमकी मिलने के बावजूद, शुक्रवार को वो डेकर्स लेन के दौरे पर पहुंचे। जान से मारने की धमकी पर उन्होंने कहा- कोई भी धमकी मुझ पर काम नहीं करेगी।
- भारत
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को आधी रात को जान से मारने की धमकी मिली थी। धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद राजभवन में हड़कंप मच गया। गर्वनर की सुरक्षा तुरंत बढ़ा दी गई। मगर जान से मारने की धमकी मिलने के बावजूद गुरुवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस कोलकाता के डेकर्स लेन के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने आमलोगों से मुलाकात भी की और कहा कि मैं यहां लोगों के साथ सुरक्षित हूं। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए राज्यपाल ने बड़ी बात कही है।
डेकर्स लेन के दौरे पर पहुंचे गवर्नर सीवी आनंद बोस ने कहा, 'मैं यहां लोगों के साथ सुरक्षित हूं। यह एक ऐसी जगह है, जहां लोग साथ आते हैं और साथ रहते हैं। यह मेरे लिए एक बहुत अच्छा अनुभव है। मैं सड़क पर और लोगों के साथ हूं। लोग मेरी रक्षा कर सकते हैं। लोगों द्वारा की गई सुरक्षा किसी और की सुरक्षा से कहीं ज्या मायने रखती है।'
धमकी मुझ पर काम नहीं करेगी-सीवी आनंद बोस
बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल पर राज्यपाल ने कहा, धमकियां आती-जाती रहती हैं। कोई भी धमकी मुझ पर काम नहीं करेगी। मुझे ऐसी धमकियों की परवाह नहीं है। मैं अपना काम करता हूं। वहीं, ममता बनर्जी के ED के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर उन्होंने कहा, "ये ऐसे मुद्दे हैं जिनका राजनीतिक पहलू है। मैं राज्य की राजनीति पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता।"
CM ममता पर कोर्ट को फैसला करने दीजिए-गवर्नर
सीवी आनंद बोस ने कहा, ‘ये कानूनी मुद्दे हैं जो कोर्ट के सामने हैं। कोर्ट को फैसला करने दीजिए। मैं, गवर्नर होने के नाते, ऐसे मामले में दखल नहीं देना चाहता जो अभी कोर्ट में है।" वहीं,कल I-PAC ऑफिस पर ED की रेड पर उन्होंने कहा, "मुझे जनता से याचिकाएं और रिप्रेजेंटेशन मिले हैं। उन याचिकाओं में तीन कानूनी बातें उठाई गई हैं। नंबर एक किसी सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकना एक आपराधिक अपराध है। दूसरा, किसी सरकारी कर्मचारी को उसके काम के दौरान डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है।’
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जल्दबाजी में कोई रिएक्शन नहीं दूंगा-सीवी आनंद बोस
गवर्नर ने आगे कहा, इन अपराधों के लिए दो साल की सजा और जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। तीसरा यह है कि यह आरोप मुझे वकीलों ने दिया है। तीसरा मुद्दा जो वे उठा रहे हैं वह यह है कि एक संवैधानिक अथॉरिटी को संविधान की रक्षा करनी होती है। अगर ऐसी कोई अथॉरिटी संविधान की बात नहीं मानती है, तो उस अथॉरिटी को उस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं अभी जल्दबाजी में कोई रिएक्शन नहीं देना चाहता।'
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 9 January 2026 at 13:03 IST