'गरीबी हटाओ का नारा लगाने वाले खुद अमीर बन गए...' PM मोदी का विपक्ष पर वार, कहा - अब बदल रही है देश की तस्वीर

एकता नगर, गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि 'गरीबी हटाओ' का नारा देने वाले खुद अमीर हो गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हाल के वर्षों में यह स्थिति तेजी से बदली है। हाल ही में जारी विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2024 से पहले के 10-12 वर्षों में लगभग 50 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं।

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'गरीबी हटाओ का नारा देने वाले खुद अमीर बन गए...' PM मोदी का विपक्ष पर वार, कहा - अब बदल रही है देश की तस्वीर
'गरीबी हटाओ का नारा देने वाले खुद अमीर बन गए...' PM मोदी का विपक्ष पर वार, कहा - अब बदल रही है देश की तस्वीर | Image: ANI

गुजरात के एकता नगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश में दशकों तक गरीबी मिटाने के सिर्फ खोखले वादे किए गए, जबकि वास्तविक बदलाव पिछले कुछ वर्षों की नीतियों के कारण संभव हो पाया है।

'गरीबी हटाओ का नारा देने वाले खुद अमीर बन गए...

प्रधानमंत्री मोदी ने अतीत की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक 'गरीबी हटाओ' का नारा देने वाले लोग खुद तो समृद्ध और अमीर होते चले गए, लेकिन देश का गरीब वहीं का वहीं बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले की नीतियों में दूरदर्शिता और सही नीयत का अभाव था, जिसके कारण आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ता था।

विश्व बैंक की रिपोर्ट और बदलते आंकड़े

देश में आए ऐतिहासिक बदलाव के प्रमाण के रूप में पीएम मोदी ने विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2024 से पहले के 10 से 12 वर्षों के दौरान 50 करोड़ से अधिक भारतीयों ने गरीबी को मात दी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं और आर्थिक नीतियां सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं।

अत्यधिक गरीबी में ऐतिहासिक गिरावट

आंकड़ों की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश की एक-चौथाई से अधिक आबादी अत्यधिक गरीबी के साए में जीने को मजबूर थी। उस समय हर 100 में से 27 लोग गरीबी की चपेट में थे। हालांकि, निरंतर प्रयासों और पारदर्शी शासन के कारण स्थिति तेजी से बदली है। आज यह आंकड़ा घटकर प्रति 100 लोगों में 3 से भी कम पर आ गया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में आया वास्तविक सुधार है। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर गरीब को सशक्त बनाकर देश की मुख्यधारा से जोड़ना है।

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Published By:
 Aarya Pandey
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