अपडेटेड 25 February 2025 at 22:14 IST

महाकुंभ भगदड़ में जनहानि की भी जांच करेगा न्यायिक जांच आयोग

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की जांच का दायरा बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 फरवरी को जारी अधिसूचना में आयोग का कार्यकाल एक महीने बढ़ाने के साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है।

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Mahakumbh
महाकुंभ भगदड़ की जांच | Image: ANI

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की जांच का दायरा बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 फरवरी को जारी अधिसूचना में आयोग का कार्यकाल एक महीने बढ़ाने के साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। अब आयोग जनहानि और संपत्ति की हानि की भी जांच करेगा।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने यह जानकारी उपलब्ध कराई जिसके मुताबिक, आयोग अब उन बिंदुओं की भी पड़ताल करेगा कि मेला प्रशासन ने भगदड़ के बाद जिला प्रशासन के साथ कैसे समन्वय स्थापित किया।

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने भगदड़ के संबंध में अधिवक्ता सुरेश चंद्र पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका सोमवार को निस्तारित कर दी।

याचिकाकर्ता की दलील थी कि सरकार द्वारा गठित आयोग को एक सीमित जांच करने को कहा गया है और जनहानि एवं संपत्ति की हानि जांच में शामिल नहीं है। साथ ही आयोग की जांच में केवल उन बिंदुओं को शामिल किया गया है कि यह घटना कैसे घटी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

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सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि जांच का दायरा बढ़ाकर इसमें जनहानि और संपत्ति की हानि को भी शामिल किया गया है और साथ ही आयोग मेला प्रशासन और जिला प्रशासन का स्वास्थ्य सेवा प्रशासन के साथ समन्वय के बारे में भी जांच करेगा।

पीठ ने संबंधित पक्षों को सुनने के बाद कहा, ‘‘मौजूदा तथ्यात्मक स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए प्रश्नों का समाधान कर दिया गया है और इस तरह से यह याचिका निस्तारित की जाती है।’’

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उल्लेखनीय है कि भगदड़ की घटना के ठीक बाद राज्य सरकार ने 29 जनवरी को ही तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हर्ष कुमार की अध्यक्षता वाले इस आयोग में पूर्व आईपीएस अधिकारी वीके गुप्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी डीके सिंह शामिल हैं।

सरकार ने आयोग को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा था। महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर जुटी भारी भीड़ के दौरान भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हुई थी और करीब 60 लोग घायल हुए थे।

Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 25 February 2025 at 22:14 IST