मौत का सौदागर, चौकीदार चोर से लेकर हिटलर तक...जानिए कब-कब कांग्रेस ने PM मोदी को गोली देकर तार-तार की मर्यादा, पटना में खरगे ने की शर्मनाक हरकत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ जैसी अमर्यादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया जब कांग्रेस मतदाता सूची के पुनरीक्षण और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेर रही थी, लेकिन उनके बयानों के कारण असली मुद्दे पीछे छूट गए और बहस का केंद्र उनकी भाषा बन गई।
- भारत
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भारतीय राजनीति में इन दिनों शब्दों की मर्यादा तार-तार होती नजर आ रही है। हाल ही में पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसने देश की राजनीतिक फिजा में भूचाल ला दिया है। यह पहली बार नहीं है जब देश की सबसे पुरानी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व या उनके सहयोगियों की तरफ से ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो, बल्कि इसके पीछे दो दशकों का एक लंबा इतिहास रहा है। आइए इस पूरे घटनाक्रम और राजनीतिक शब्दावली के गिरते स्तर का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
पटना का वह बयान और मचता सियासी बवाल
रविवार को पटना में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मंच से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहे थे। भाषण के दौरान जब भीड़ में से किसी समर्थक ने आवाज लगाई कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले, तो खड़गे का पारा चढ़ गया। उन्होंने माइक पर त तल्ख अंदाज में कहा कि ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’
यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में कोहराम मच गया। बीजेपी ने इसे सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री पद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर हमला करार दिया। बीजेपी का कहना है कि जब विपक्ष के पास विकास, नीति और जनहित के मुद्दों पर कहने के लिए कुछ नहीं बचता, तो वे इस तरह की अमर्यादित भाषा का सहारा लेते हैं।
मुद्दों से भटकती राजनीति और निजी हमलों का दौर
आज की राजनीति में वैचारिक मतभेद अब व्यक्तिगत द्वेष और अमर्यादित टिप्पणियों में तब्दील हो चुके हैं। जब कोई राष्ट्रीय दल या उसका शीर्ष अध्यक्ष इस तरह के शब्दों का प्रयोग करता है, तो इससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को गलत संदेश जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि जब महंगाई, बेरोजगारी, विकास और प्रशासनिक नीतियों जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, तब पूरा राजनीतिक नैरेटिव बयानों और पलटवारों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह जाता है। खड़गे के इस बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या भारतीय लोकतंत्र में संवाद का स्तर लगातार रसातल की ओर जा रहा है।
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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयानों का दो दशक पुराना इतिहास
मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान अकेला नहीं है। यदि पिछले दो दशकों के राजनीतिक पन्नों को पलटकर देखा जाए, तो कांग्रेस नेताओं और उनके सहयोगियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों और व्यक्तिगत हमलों की एक लंबी फेहरिस्त मिलती है। समय-समय पर नेताओं ने राजनीतिक विरोध जताने के नाम पर भाषा की तमाम सीमाओं को लांघा है।
मोढवाडिया ने कहा ‘गदहा’
मोढवाडिया ने बनासकांठा जिले के दीसा कस्बे में एक रैली में 2014 में मोदी की तरफ से दिए गए एक बयान की याद दिलाई जिसमें प्रधानमंत्री ने ये बातें कही थीं। मोढवाडिया ने कहा, एक सेहतमंद व्यक्ति का सीना 36 इंच का होता है, बॉडी बिल्डर का सीना 42 इंच का हो सकता है, केवल गधों का सीना 56 इंच का होता है। इस दौरान पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बैलों का सीना 100 इंच का होता है।
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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा ओसामा बिन लादेन, दाऊद इब्राहिम
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने 16 मार्च को टीवी बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। पवन खेड़ा ने पीएम मोदी की तुलना आतंकी मसूद अजहर, ओसामा बिन लादेन, दाऊद इब्राहिम और आईएसआई से कर दी थी। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने टीवी बहस के दौरान कहा कि MODI का मतलब है मसूद अजहर, ओसामा, दाऊद और आईएसआई।
राशिद अल्वी ने कहा 'खुद लाखों के सूट और मां को छोटे से कमरे में रखते हैं'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी राशिद अल्वी ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद बड़े-बड़े महलों में रहते हैं, लाखों के सूट पहनते हैं, लेकिन अपनी बुजुर्ग मां को छोटे से कमरे में रखते हैं। इतना ही नहीं अल्वी ने यह भी कहा कि यदि 2019 में फिर मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो भारत में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।
सुशील कुमार शिंदे ने कहा हिटलर
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हिटलर से की है। शिंदे ने कहा कि पीएम मोदी एक तानाशाह की तरह बर्ताव कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है
एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सार्वजनिक रैली में कहते हैं कि नरेन्द्र मोदी हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री हैं। हम उनका आदर करते हैं। हमें वो गाली दे सकते हैं, लेकिन हम और हमारे लोग ऐसा नहीं कर सकते। हालांकि राहुल गांधी के कथनी-करनी में अंतर है। राहुल गांधी ने 20 सितंबर को राजस्थान के डूंगरपुर में कहा कि, ‘नरेंद्र मोदी जी ने कहा था मैं देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता हूं, मैं देश का चौकीदार बनना चाहता हूं… लेकिन आज देश के दिल में, राजस्थान की जनता के दिल में एक नयी आवाज उठ रही है… गली-गली में शोर है, हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है।’