धर्मांतरण मामले में फंसी TCS का बड़ा फैसला: नासिक यूनिट में काम सस्पेंड, कर्मचारियों को कैंपस न आने का निर्देश, नई भर्तियों पर लगी रोक
TCS Conversion Case: TCS नासिक यूनिट में लड़कियों संग यौन शोषण और धर्मांतरण मामले को लेकर विवादों में है। इस बीच कंपनी ने बड़ा फैसला लिया है। TCS ने नासिक यूनिट पर काम स्थगित कर दिया है।
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Nashik TCS Conversion Case: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस में महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच जितनी गहराई में जा रही है, उतनी ही मामले की नई-नई परतें खुल रही हैं। इस बीच, मामले में फंसी कंपनी ने बड़ा फैसला लिया है। TCS ने नासिक यूनिट में काम स्थगित कर दिया।
कंपनी ने कर्मचारियों को दिए निर्देश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार TCS ने नासिक यूनिट में काम कर रहे कर्मचारियों को कैंपस नहीं आने के निर्देश दिए हैं। उन्हें घर से ही काम करने को कहा गया है। साथ ही कंपनी ने नासिक यूनिट में नई भर्तियां भी रोक दी हैं। जब तक पुलिस जांच नहीं हो जाती, तब तक नियुक्तियां स्थगित की गई हैं।
9 FIR दर्ज, 7 आरोपी गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, TCS धर्मांतरण मामले में अब तक 12 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने बताया है कि मामले में अब तक 9 FIR दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है है, जिसमें 6 पुरुष शामिल हैं। आरोपियों की पहचान पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) के के तौर पर हुई है।
हालांकि, इस मामले में आरोपी नंबर 8 निदा खान अब तक फरार है। निदा कंपनी की एचआर मैनेजर थी, जिसे इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है।
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लड़कियों को पहले 'कंफर्टेबल' बनाती थी निदा
निदा मुंबई के भिवंडी की रहने वाली बताई जा रही है। जांच में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों के पास कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निदा खान को इस नेटवर्क की “लेडी कैप्टन” बताया जा रहा है। कथित तौर पर निदा ही कंपनी के अंदर महिला नेटवर्क को संभाल रही थी।
वो बड़े ही चालाकी से नए लोगों को लोगों को फंसाती थी। निदा का काम महिलाओं को 'कंफर्टेबल' बनाना था। इसके लिए वे पहले उनके साथ दोस्ती करती और भरोसे का माहौल बनाती थी। इसके बाद फिर धीरे-धीरे महिलाओं को नमाज, कलमा और हिजाब की ट्रेनिंग दी जाती थी।
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जानकारी के अनुसार, निदा ने जनवरी 2021 में कंपनी ज्वॉइन की थी। उसने इसी साल जनवरी में कंपनी छोड़ दी थी। उसके बाद से निदा का कोई ठोस पता नहीं चल पाया है। उसका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ या नॉट रीचेबल आ रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह अंडरग्राउंड हो चुकी है।
कैसे हुआ खुलासा?
TCS में काम करने वाली महिलाओं के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण का ये खेल कुछ महीनों नहीं बल्कि पूरे 4 साल से चल रहा था। हालांकि अब इसका खुलासा तब हुआ जब एक महिला कर्मचारी ने शिकायत की कि शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया गया है और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने एक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया, जिसमें 7 महिला पुलिस अधिकारी हाउसकीपिंग स्टाफ (सफाई कर्मचारी) बनकर कंपनी में काम करती रहीं और इस दौरान कई अहम सबूत इकट्ठा किए। मामले की जांच के लिए एक SIT टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।