निदा खान अभी भी फरार, घर पर लटका ताला...पुलिस कर रही पति से पूछताछ; आखिर कहां छिपकर जमानत का जुगाड़ कर रही TCS कर्मचारी
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल नासिक पहुंचने की तैयारी में है, क्योंकि फरार चल रही निदा खान का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी डॉ. शाहीन शाहिद से सामने आया है।
- भारत
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TCS HR Nida Khan: नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी निदा खान 8 दिन से फरार है। पुलिस के मुताबिक, उसे ढूंढने के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं। निदा के पति को शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया। पति ने बताया था कि निदा एक रिश्तेदार के घर पर रुकी हुई है, लेकिन जब अधिकारी वहां पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदारों दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हैं।
उधर TCS कंपनी ने भी इंटरनल जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि किसी भी पीड़ित ने कंपनी की POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्शुअल हैरेसमेंट) पॉलिसी के तहत कभी कोई लिखित शिकायत नहीं की। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है।
इस बीच फरार आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश हुई है। यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। निदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा।
उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं।
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कंपनी और पुलिस कार्रवाई
टीसीएस ने सभी नामजद कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और जांच में पूर्ण सहयोग की बात कही है। एसआईटी डिजिटल सबूत, वॉट्सएप चैट्स और दस्तावेज खंगाल रही है, जबकि एटीएस, एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियां शामिल हो गई हैं। कुछ आरोपी जैसे एजीएम अश्विनी छनानी जेल में हैं, लेकिन निदा की तलाश तेज है।
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निदा खान ऑफिस में सबको सिखाती थी बुर्का पहनना
एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, निदा खान केवल एचआर की भूमिका तक सीमित नहीं थी। वह उन टीम लीडर्स के साथ खड़ी नजर आती थी, जिन पर महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास के आरोप हैं। बताया गया है कि वह महिलाओं को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और रीति-रिवाजों का पालन करने के तरीके बताती थी। कुछ पीड़ितों का कहना है कि यह सलाह नहीं, बल्कि दबाव होता था। एक महिला कर्मचारी ने बताया कि वह बताती थी कि बुर्का कैसे पहना जाता है।