शीर खुरमा में नशा, काला जादू और...नासिक TCS में धर्मांतरण की पूरी 'क्रोनोलॉजी', अब खुलेंगे बड़े राज क्योंकि दानिश का मोबाइल हो गया अनलॉक

नासिक TCS धर्मांतरण मामले की जांच में कई बड़े खुलासे हुए है। आरोपी दानिश का मोबाइल आखिरकार अनलॉक हो गया है। अब तक की जांच में आरोपियों द्वारा धर्मांतरण के लिए अपनाई गई पूरी 'क्रोनोलॉजी' का खुलासा हुआ है।

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नासिक TCS में धर्मांतरण की पूरी 'क्रोनोलॉजी' आई सामने | Image: Republic

महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब संदिग्ध आरोपियों द्वारा धर्मांतरण के लिए अपनाई गई पूरी 'क्रोनोलॉजी' का खुलासा हुआ है। तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने आरोपी दानिश शेख के मोबाइल को फेस ID से अनलॉक किया। इसके बाद जांच के दौरान ऐसी-ऐसी चीजें बाहर आई कि पुलिस भी दंग रह गई।

TCS धर्मांतरण मामले में मुंबई नाका पुलिस ने न्यायालय से ट्रांजिट वारंट प्राप्त कर नासिक रोड सेंट्रल जेल से चार मुख्य आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है। इन आरोपियों की पहचान तौसीफ बिलाल अत्तार (37 वर्ष), दानिश एजाज शेख (32 वर्ष), शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34 वर्ष) और रजा रफीक मेमन (35 वर्ष) के रूप में हुई है।

आरोपी दानिश शेख का मोबाइल हुआ अनलॉक 

इन सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79, 299, 302 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज है। इस मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने अब एक अहम बाधा को भी पार कर लिया है। आरोपी दानिश शेख ने अपने मोबाइल के हर एप्लिकेशन और फाइल के लिए अलग-अलग पासवर्ड और फेस आईडी सुरक्षा कवच लगा रखा था, जिससे फॉरेंसिक लैब को जांच में कठिनाई हो रही थी।

'शीर खुरमा' में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया 

अदालत की अनुमति के बाद आरोपी को खुद को लैब ले जाया गया, जहां उसके फेस आईडी के जरिए मोबाइल अनलॉक कर अब डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। अब संदिग्ध आरोपियों द्वारा धर्मांतरण के लिए अपनाई गई पूरी 'क्रोनोलॉजी' का खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पहले दोस्ती का बहाना कर भरोसा जीतते थे और फिर 'शीर खुरमा' में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया था।

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काला जादू के आरोपों की जांच

आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि, पीड़ित की पारिवारिक समस्याओं और मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उसे 'ब्लैक मैजिक' (काला जादू) करने की सलाह दी थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए अलग-अलग संदिग्धों ने एक सुनियोजित योजना बनाई थी, जिसके तहत युवक को जाल में फंसाने के लिए कार के जरिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और फिर उस पर दबाव बनाया गया।

अब होगा और बड़ा खुलासा

अब पुलिस इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से अब जबरन धर्मांतरण की क्रोनोलॉजी, नशीला पदार्थ देकर जाल में फंसाने और 'ब्लैक मैजिक' जैसे गंभीर आरोपों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।बता दें कि चौथी पीड़िता ने महिला आयोग के सामने कई बड़े खुलासे किए, जिनमें गिफ्तार दानिश का भी जिक्र था। 

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Published By :
Rupam Kumari
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