'ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाना केवल विपक्ष और 'दिमागी नक्सलियों' की हताशा', विपक्ष पर बरसे CM हिमंता, कहा-देश में गलत संदेश फैलाया जा रहा

विपक्ष पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "विचार-विमर्श से पहले लिए गए फैसले अलग बात हैं लेकिन चुनाव आयोग का कोई भी फैसला आम सहमति या बहुमत की राय से ही लिया जाता है।"

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Gyanesh Kumar & Himanta Sarma
'ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाना केवल विपक्ष और 'दिमागी नक्सलियों' की हताशा', विपक्ष पर बरसे CM हिमंता | Image: ANI

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष लामंबद हो रहा है। उन्हें पद से हटाने के लिए कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस विपक्षी पार्टियों से संपर्क कर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी, कर रही है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के इन कोशिशों को 'राजनीतिक अभियान' और 'दिमागी नक्सलियों' की हताशा करार दिया।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "जब मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव आयुक्त अल्पमत में हों तो चुनाव आयोग कोई फैसला नहीं ले सकता। चुनाव आयोग का हर फैसला बहुमत से लिया जाना चाहिए क्योंकि यह एक सामूहिक संस्था है। इसलिए, देश भर में यह संदेश फैलाना कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एकतरफा फैसले लिए हैं, संवैधानिक ढांचे के अनुरूप नहीं है। "

'दिमागी नक्सलियों' की हताशा बाहर आ रही है-असम CM

विपक्ष पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "विचार-विमर्श से पहले लिए गए फैसले अलग बात हैं लेकिन चुनाव आयोग का कोई भी फैसला आम सहमति या बहुमत की राय से ही लिया जाता है। इसीलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना एक राजनीतिक अभियान है; मेरा मानना ​​है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों से सलाह लिए बिना कोई फैसला नहीं ले सकते। इस प्रकार, मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना केवल विपक्ष और 'दिमागी नक्सलियों' की हताशा को दर्शाता है।"

SIR के विरोध में उतरी विपक्षी पार्टियां

दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश भर में जारी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर विपक्षी पार्टियों ने इसे रद्द करने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग को अपनी मनमर्जी से एक 'तानाशाह' की तरह रही है और उनका साथ मुख्य चुनाव आयुक्त दे रहे हैं।

Advertisement

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी

समाचार एजेंसी ANI के हवाले से कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस पेश करेंगे। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक,इसे अगले दो हफ्तों के भीतर पेश किए जाने की योजना है।

चुनाव आयोग ने आरोपों पर दी सफाई

वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग के सदस्यों में कथित मतभेद की खबरों के बीच ECI ने एक बयान जारी किया। इसमें मीडिया में चल रही इस रिपोर्ट का खंडन किया गया कि SIR समेत कई मुद्दों पर इनके तीन सदस्यों के बीच मतभेद है।  ECI एक संवैधानिक संस्था है जो संविधान के आर्टिकल 324, कानूनी नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के तहत काम करती है। आयोग एक मल्टी-मेंबर संवैधानिक संस्था के तौर पर काम करता है। किसी भी संस्था में अलग-अलग राय और ऑब्जर्वेशन बातचीत का नॉर्मल प्रोसेस है।

Advertisement

यह भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहा विपक्ष

Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड