तहव्वुर राणा महज शुरुआत, अभी हाफिज सईद समेत 26/11 के इन गुनहगारों को भारत लाना बाकी

26/11 हमाला ISI की साजिश थी। शहीदों को न्याय दिलाने के लिए अभी लंबी लड़ाई लड़नी बाकी है और एक-एक करके कई आतंकियों को भारत लाकर सजा देने की जरूरत है।

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Tahawwur Rana is just beginning, these 2611 criminals yet to be brought to India
अभी हाफिज सईद समेत 26/11 के इन गुनहगारों को भारत लाना बाकी | Image: Republic

26/11 Mumbai terrorist attack : अमेरिका से भारत लाया गया आतंकी तहव्वुर राणा कड़ी सुरक्षा के बीच NIA ऑफिस ले जाया जाएगा। खबर है कि उसी वर्चुअली कोर्ट में पेश किया जा सकता है। तहव्वुर राणा, पाकिस्तान के खिलाफ खुद में एक जिंदा सबूत की तरह है। इसलिए तहव्वुर जहां भी रहेगा, उसके लिए मल्टी लेयर सिक्योरिटी का इंजजाम किया जाएगा। राणा से पूछताछ और उसे उसके अंजाम तक पहुंचाने की इस प्रक्रिया के लिए NIA समेत दूसरी एजेंसियों ने भी होम वर्क पूरा कर लिया है।

तहव्वुर राणा को भारत लाने के साथ ही 17 साल पुराने इस मामले में कई कानूनी पहलुओं को साबित करने में मदद मिलेगी। इस मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस ने 2009 में पहली बार 11,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। 2023 में दायर अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में मुंबई पुलिस ने कहा था कि राणा आतंकवादी हमलों से कुछ दिन पहले भारत आया था और 11 से 21 नवंबर, 2008 के बीच एक 5 स्टार होटल में रुका था। जबकी हमले 26 नवंबर, 2008 को हुए थे।

26/11 हमले के गुनहगार

NIA ने तहव्वुर राणा के खिलाफ पहली चार्जशीट साल 2011 में दायर की थी। माना जा रहा है कि अब NIA ही तहव्वुर राणा के केस को अंजाम तक पहुंचाएगी। लेकिन राणा 26/11 का अकेला गुनहगार नहीं है। 26/11 हमाला ISI की साजिश थी। शहीदों को न्याय दिलाने के लिए अभी लंबी लड़ाई लड़नी बाकी है और एक-एक करके कई आतंकियों को भारत लाकर सजा देने की जरूरत है।

  • हाफिज सईद (मास्टर माइंड)- पाकिस्तान में छिपा है, हिसाब बाकी
  • जकी-उर-रहमान लखवी- पाकिस्तान में छिपा है, हिसाब बाकी
  • डेविड कोलमैन हेडली (ठिकानों की रेकी)- अमेरिकी जेल में बंद, हिसाब बाकी
  • तहव्वुर राणा (लॉजिस्टिक सपोर्ट)- भारत लाया गया, अब हिसाब होगा
  • साजिद मीर- पाकिस्तान में छिपा है, हिसाब बाकी
  • अबू जिंदाल- भारत की जेल में बंद, सजा मिली
26/11 के गुनहगार

कैसे पकड़ा गया राणा?

2009 में राणा और हेडली को FBI ने पश्चिम मध्य अमरीका के शिकागो से गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने डेनमार्क में हमले की साजिश रची थी। FIB ने दोनों को उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वो हमले के लिए डेनमार्क जा रहे थे। जांच में 26/11 हमले के सुराग मिले और भूमिका का खुलासा हुआ।

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अभी बड़ा एक्शन बाकी

भारत आने के बाद अब तहव्वुर राणा से पूछताछ शुरू होगी। राणा को अभी कई अहम सवालों के जवाब देने हैं। इससे पूछताछ के बाद ISI से कनेक्शन साबित होगा और विदेश में फैले नेटवर्क का खुलासा होगा। टेरर फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ होगा और हाफिज सईद के खिलाफ सबूत पेश होंगे। जिसके बाद दुनिया के सामने हाफिज सईद को एक्सपोज किया जा सकेगा। पाकिस्तान के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर UN में आतंकी मुल्क साबित करने में मदद मिलेगी। पाक को FATF में डालने और ब्लैक लिस्ट करने की कोशिश होगी।

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Published By:
 Sagar Singh
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