चुनाव आयोग को मतदाता सूची का पुनरीक्षण का अधिकार है या नहीं? SIR की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। SIR की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना अहमा फैसला सुनाएगा।

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Supreme Court
Supreme Court | Image: X

सुप्रीम कोर्ट आज चुनाव आयोग द्वारा कराए गए मतदाता सूची के SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ सुनाएगी। कोर्ट को यह तय करना है कि क्या चुनाव आयोग के पास विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कराने के संवैधानिक अधिकार हैं या नहीं।

चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। क्या चुनाव आयोग के पास संविधान के अनुच्छेद 326, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत मौजूदा रूप में SIR करने की शक्ति है या नहीं कोर्ट आज यह तय करेगा।

SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने अब तक इस प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगाई है और इसे जारी रखने दिया है। यह प्रक्रिया बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे कई राज्यों में यह अभी जारी है। कोर्ट ने कहा था कि वह यह तय करेगा कि चुनाव आयोग को ऐसा करने का कानूनी अधिकार है या नहीं। SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पिछले सुनवाई के बाद कोर्ट ने 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

पिछली सुनवाई में SC ने क्या कहा था?

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आधार कार्ड को SIR के लिए 12वें दस्तावेज के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, बल्कि चुनाव आयोग इसे सत्यापन के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

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इस मामले में जून 2025 में दायर की गई अधिकांश याचिकाएं बिहार में SIR शुरू करने के चुनाव आयोग के फैसले के बाद आई थीं। प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं:

  • एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR)
  • राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव
  • तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा
  • राजद सांसद मनोज झा
  • कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले

आज का फैसला कई मायनों में होगा अहम

आज आने वाल फैससा कई मायनों में बेहद अहम है। सुप्रीम कोर्ट न केवल SIR की वैधता तय करेगा, बल्कि कई बड़े संवैधानिक सवालों के जवाब भी देगा। क्या वोट देने का अधिकार केवल एक कानूनी अधिकार है या इसे अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है? मतदाता सूची तैयार करने में चुनाव आयोग की शक्तियों की सीमा क्या है? क्या चुनाव आयोग किसी व्यक्ति को नागरिकता के संदेह के आधार पर मतदाता सूची से हटा सकता है?
 

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Published By:
 Rupam Kumari
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