बंगाल चुनाव की काउंटिंग से पहले TMC को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के काम में दखल देने से किया इनकार

Supreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने TMC की याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है।

Follow : Google News Icon  
TMC Plea in Supreme Court
TMC Plea in Supreme Court | Image: Republic

Supreme Court on TMC Petition: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग के काम में दखल देने से इनकार कर दिया है। SC ने केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर बनाने के फैसले के खिलाफ TMC की आपत्ति को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा इसमें तो हमें कोई आदेश पारित करने की ही जरूरत नहीं लग रही।

सुनवाई के दौरान क्या क्या हुआ? 

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने TMC का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि माइक्रो आब्जर्वर पहले से ही केंद्रीय कर्मचारी के रूप में है। फिर इस नए आदेश का क्या औचित्य है? इस नए नियम के जरिए काउंटिंग सेंटर पर केंद्रीय कर्मचारियों की अतिरिक्त मौजूदगी की व्यवस्था कर दी गई है। इस आदेश के पीछे CEO ने आधार बताया कि चुनाव में गड़बड़ी हो सकती है। हमें आशंका है कि ACEO के आदेश से काउंटिंग में गड़बड़ी होगी।

उन्होंने सवाल उठाया कि काउंटिंग सुपरवाइजर के तौर पर राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है? संविधान के अनुच्छेद 324 की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चुनाव आयोग मनमानी कर रहा है। चुनाव आयोग राज्य के कर्मचारियों की नियत पर सवाल खड़े कर रहा है।

सिब्बल की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप ऐसे आरोप नहीं लगा सकते। राज्य के कर्मचारी हो या केंद्र के सभी चुनाव आयोग के तहत काम कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि वहां सिर्फ काउंटिंग सुपरवाइजर होंगे। इसके अलावा प्रत्याशियों के प्रतिनिधि होंगे, अन्य अधिकारी होंगें। किसी तरह की आशंका का कोई आधार नहीं बनता।

Advertisement

कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा कि CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाने चाहिए। इस पर चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि 45 दिन तक फुटेज वैसे भी संरक्षित रखे जाते हैं।

SC ने आदेश पारित करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए कि इसमें तो हमें कोई आदेश पारित करने की ही जरूरत नहीं लग रही। कोर्ट ने चुनाव आयोग के काम में दखल देने से इनकार कर दिया। 

Advertisement

बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 4 मई को होनी है, जिसको लेकर सियासी संग्राम मचा है। इस बीच TMC ने सुप्रीम कोर्ट में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। दरअसल, चुनाव आयोग ने मतगणना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए काउंटिंग हॉल के अंदर माइक्रो-ऑब्जर्वर के तौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों या सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के स्टाफ को तैनात करने का निर्देश दिया था। TMC ने इसी पर आपत्ति जताई और पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कलकत्ता हाई कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली और याचिका खारिज हो गई, जिसके बाद TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची। उच्च न्यायालय से भी टीएमसी को झटका लगा है। 

यह भी पढ़ें: Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में आज फिर मतदान, 15 मतदान केंद्रों पर डाले जा रहे वोट, चुनाव आयोग ने क्यों लिया बड़ा फैसला?
 

Published By :
Ruchi Mehra
पब्लिश्ड