बच्चों को पाठशाला से मधुशाला तक ले जाने का पाप...सिसोदिया को मिली जमानत तो बोलीं बांसुरी स्‍वराज

BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने सिसोदिया की जमानत पर कहा कि इसका अर्थ ये नहीं है कि मनीष सिसोदिया अपराध मुक्त हैं वो अभी भी अभियुक्त हैं।

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Bansuri Swaraj & Manish Sisodia
Bansuri Swaraj & Manish Sisodia | Image: PTI/ANI

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को करीब डेढ़ साल बाद तथाकथित शराब घोटाले में जमानत मिल गई है और इसी के साथ उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। सिसोदिया के जमानत पर AAP जहां खुशी जता रही है और इसे सत्य की जीत बता रही हैं। वहीं, BJP कह रही है कि जमानत मिलने को अपराध मुक्त होना नहीं कहते हैं वो अभी भी अभियुक्त हैं।

मनीष सिसोदिया पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही AAP की नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया आ रही है। आतिशी से लेकर संजय सिंह इसे सत्य की जीत बता रहे हैं और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, सिसोदिया की जमानत पर बीजेपी सांसद बासुंरी स्वराज की भी प्रतिक्रिया आई है। बांसुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सिसोदिया दिल्ली के बच्चों को पाठशाला से मधुशाला तक ले जाने का पाप कर चुके हैं।

बच्चों को मधुशाला तक ले जाने का पाप-बांसुरी स्वराज

बांसुरी स्वराज ने कहा, "आज सुप्रीम कोर्ट के सामने उनके वकीलों ने मेरिट पर कोई दलील नहीं दी, उनकी अपील केवल देरी पर आधारित थी। मनीष सिसोदिया जेल में 17-18 महीने से हैं। इसके आधार पर उनको आज बेल मिली है। इसका अर्थ ये नहीं है कि मनीष सिसोदिया अपराध मुक्त हैं वो अभी भी अभियुक्त हैं और उनकी जवाबदेही कोर्ट में बनेगी। मनीष सिसोदिया दिल्ली के ऐसे शिक्षा मंत्री हैं जो दिल्ली के बच्चों को पाठशाला से मधुशाला तक ले जाने का पाप कर चुके हैं।"

 ED की जांच में केंद्र का कोई हाथ नहीं

सिसोदिया की जमानत पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जमानत मिली है अच्छी बात है। लेकिन ED की जांच में केंद्र सरकार का कोई संबंध नहीं है। मनीष सिसोदिया 17 महीने तक जेल में रहे। केजरीवाल को जमानत नहीं मिल रही। इसका मतलब है कि मामले में दम है। ऐसा नहीं है कि जानबूझकर अन्याय किया गया।

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मनीष सिसोदिया पर क्या आरोप हैं?

सीबीआई के अनुसार, सिसोदिया ने आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वो साजिश के उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए नीति को बनाने और इसे लागू में गहराई से शामिल थे। एजेंसियों ने दावा किया था कि सिसोदिया ने मामले में सबूत मिटाए थे। इस बात के भी सबूत हैं कि उन्होंने फोन रिकॉर्ड नष्ट कर दिए थे।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड