Success Story: 'पहले न इनकम थी न टैक्स', अब इनकम टैक्स अधिकारी बने इंफ्लुएंसर असहाब अंसारी की सफलता की कहानी, 1 नंबर से यूं चमकी किस्मत

Ashab Ahmad Ansari Success Story: असहाब अहमद अंसारी की किस्मत 0.5 और 1 नंबर से मामूली से फासले से कई सालों तक अटकी रही। कई बार उनका सलेक्शन होते-होते रह गया। इस बार भी 1 नंबर के हेर-फेर से ही उनकी किस्मत ऐसी चमकी कि वे सीधे इनकम टैक्स विभाग के अफसर बन गए।

Follow : Google News Icon  
Ashab Ahmad Ansari
Ashab Ahmad Ansari Success Story | Image: Instagram

Ashab Ahmed Ansari Story: “पहले न इनकम थी, न टैक्स। अब इनकम टैक्स विभाग में आकर दोनों एक साथ मिल गए।” उत्तर प्रदेश के छोटे से कस्बे टांडा से निकलकर सोशल मीडिया पर लाखों युवाओं के दिल जीतने वाले असहाब अहमद अंसारी की कहानी इन दिनों सुर्खियों में है। एजुकेशनल कॉमेडी के जरिए छात्रों की हताशा, बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था पर तीखे-मजेदार तीर चलाने वाले असहाब ने अब SSC CGL 2025 में सफलता हासिल कर इनकम टैक्स विभाग में ऑफिस सुपरिटेंडेंट की पोस्ट पा ली है।

असहाब अहमद अंसारी की किस्मत 0.5 और 1 नंबर से मामूली से फासले से कई सालों तक अटकी रही। कई बार उनका सलेक्शन होते-होते रह गया। इस बार भी 1 नंबर के हेर-फेर से ही उनकी किस्मत ऐसी चमकी कि वे सीधे इनकम टैक्स विभाग के अफसर बन गए।

1 नंबर से इस बार भी चूके, लेकिन…

दरअसल, अप्रैल 2026 में जब SSC CGL 2025 का फाइनल रिजल्ट आया, तब कट-ऑफ 312 अंक गई थी और असहाब को 311 अंक मिले थे। वे महज 1 नंबर से फाइनल सिलेक्शन से बाहर हो गए थे। इसके ठीक 3-4 दिन बाद जब कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने CGL 2025 का संशोधित रिजल्ट जारी किया, तो कट-ऑफ घटकर 311 अंक पर आ गई। इस तरह वे जो 1 नंबर से चूक रहे थे, वह फासला खत्म हो गया और उनका सिलेक्शन हो गया।

असहाब अहमद अंसारी ने टांडा के आदर्श जनता इंटर कॉलेज से 10वीं-12वीं करने के बाद JEE की तैयारी के लिए कोटा का रुख किया। वहां से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में B.Tech (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) में एडमिशन मिला। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उनका सपना IAS बनने का था। साल 2017 में दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंचे और UPSC की तैयारी शुरू की, लेकिन तभी उनकी जिंदगी ने मोड़ लिया।

Advertisement

फिर शुरू किया वीडियो बनाने का सफर

दोस्तों की सलाह पर असहाब ने SSC CGL भी देना शुरू किया। 2018 का प्रयास बेहद करीब तक पहुंचा, लेकिन फाइनल लिस्ट में सिर्फ 0.5 नंबर से चयन रुक गया। इसके बाद देश में कोविड की जब दूसरी लहर आई, तब असहाब दिल्ली छोड़कर घर टांडा लौट आए। इसी हताशा और खाली समय में उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया।

बेरोजगारी, परीक्षाओं की विसंगतियां और छात्रों की मानसिक स्थिति को ह्यूमर के साथ पेश करने का उनका फॉर्मेट जल्दी ही हिट हो गया। आज उनके इंस्टाग्राम पर 4 लाख, यूट्यूब पर 6 लाख से ज्यादा और फेसबुक पर 70 हजार फॉलोअर्स हैं। वे बताते हैं, “मैं सिर्फ कंटेंट बनाने के लिए प्लेटफॉर्म पर जाता था। बाकी समय किताबों के साथ था।” इसी संतुलन की वजह से वे भटके नहीं।

Advertisement

लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है इनकी कहानी

असहाब की यह सफलता उन लाखों छात्रों और एस्पिरेंट्स के लिए बड़ी प्रेरणा है जो सालों से तैयारी कर रहे हैं और बीच-बीच में हार मानने लगते हैं। ये कहानी सिखाती है कि किस तरह हमें अपने सपनों को नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे रास्ता कितना भी लंबा और मुश्किल क्यों न हो।

यह भी पढ़ें: RG Kar मामले में CM सुवेंदु का बड़ा एक्शन, पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ED को केस चलाने की दी मंजूरी, कहा- बहन अभया को न्याय…

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड