दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश, अन्य राज्यों को बजट आवंटन में पर्याप्त वृद्धि: रेल मंत्री
रेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2009-14 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट में सभी राज्यों के लिए बजटीय आवंटन पर्याप्त बढ़ाया गया है।
- भारत
- 2 min read

रेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2009-14 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट में सभी राज्यों के लिए बजटीय आवंटन पर्याप्त बढ़ाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को यह बात कही।
उन्होंने रेलवे के लिए बजटीय आवंटन और रेल बुनियादी ढांचे के विकास की गति का राज्यवार ब्योरा पेश किया। वैष्णव ने कहा कि 2014 से पहले रेलवे कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा था, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान पिछले दस वर्षों में इसने ऐतिहासिक प्रगति की है।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मीडियाकर्मियों को रेल परियोजनाओं के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं और काम की प्रगति के बारे में विस्तार से बताया।
वैष्णव के अनुसार, 2009-2014 के दौरान के वित्त वर्षों से तुलना की जाए, तो अगले वित्त वर्ष यानी 2025-26 के लिए औसत बजटीय आवंटन दिल्ली के लिए 27 गुना, मध्यप्रदेश के लिए 23 गुना और छत्तीसगढ़ के लिए 22 गुना अधिक है।
Advertisement
मंत्री ने कहा कि 2009-2014 के बीच बिहार का वार्षिक औसत बजट 1,132 करोड़ रुपये था, जिसे आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नौ गुना बढ़ाकर 10,066 करोड़ रुपये कर दिया गया है। दूसरे राज्यों के लिए भी इसी तरह की महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का वार्षिक औसत बजट 2009-14 के बीच 96 करोड़ रुपये हुआ करता था, जिसे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बढ़ाकर 2,539 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
Advertisement
विद्युतीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में वैष्णव ने कहा कि बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली जैसे कई राज्यों ने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल कर लिया है और चालू वित्त वर्ष के अंत तक रेल नेटवर्क का पूरी तरह विद्युतीकरण हो जाएगा।
मंत्री ने नई पटरियां बिछाने में हुई प्रगति पर भी जोर दिया और कहा कि यह काम 10 साल पहले की तुलना में बहुत अधिक गति से चल रहा है।
वैष्णव ने कहा, ‘‘रेलवे ने 2014 से बिहार में 1,832 किलोमीटर नई पटरियां बनाई हैं, जो मलेशिया के पूरे रेल नेटवर्क के लगभग बराबर है।’’
कोलकाता में मेट्रो के निर्माण की रफ्तार के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 1972 से 2014 तक केवल 28 किलोमीटर लंबा मेट्रो संपर्क दिया गया था, जबकि 2014 से अबतक 31 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है।
वैष्णव ने कहा कि अगले छह वर्षों में टक्कररोधी सुरक्षा प्रणाली कवच को देश के पूरे रेल नेटवर्क पर स्थापित किया जाएगा।